दल से बिछड़े हाथी को सुरक्षा श्रमिक गया था दवाई देने; सूंड से पटककर ले ली जान | The security worker had gone to give medicine to the elephant separated from the team; Took life by thrashing it with trunk

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सरगुजाएक घंटा पहले

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दल से बिछड़ा हाथी। - Dainik Bhaskar

दल से बिछड़ा हाथी।

सरगुजा जिले में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। दल से बिछड़े हाथी ने शहर से लगे बधियाचुआ में फिर एक व्यक्ति को मौत के घाट उतार दिया। बधियाचुआ जंगल में दल से बिछड़े हुए हाथी की तबियत खराब होने की सूचना पर वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे।

हाथी को दस्त हो रहा था, जिसे दवाई देने के लिए बीती रात डॉक्टर और वन विभाग के कर्मचारियों सहित सुरक्षा श्रमिक भीम हाथी को दवाई देने जंगल पहुंचे थे। इसी दौरान हाथी सामने आ गया। हाथी को सामने देखकर डॉक्टर और वन विभाग के कर्मचारियों ने मौके से भागकर अपनी जान बचाई, लेकिन सुरक्षा श्रमिक हाथी से बच नहीं पाया। हाथी ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। गंभीर हालत में वन विभाग के कर्मचारी सिक्योरिटी स्टाफ भीम को लेकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

हाथी ने 19 जनवरी को भी ली थी एक युवक की जान।

हाथी ने 19 जनवरी को भी ली थी एक युवक की जान।

इससे पहले भी हाथी एक युवक को उतार चुका है मौत के घाट

19 जनवरी को दल से बिछड़े इसी हाथी ने ससुराल जाने के लिए निकले युवक को रास्ते में कुचलकर मार डाला था। उसकी लाश 22 जनवरी को शहर के गाड़ाघाट स्थित बांस बाड़ी में क्षत-विक्षत हालत में मिली थी। युवक अपने एक साथी के साथ स्कूटी से ससुराल जाने के लिए 19 जनवरी को निकला था, लेकिन उसी दिन शहर में हाथी घुस आने की खबर पर वो उसे देखने चला गया। जबकि वन विभाग ने उधर नहीं जाने की साफ-साफ चेतावनी जारी की थी, लेकिन युवक ने उसे अनदेखा कर दिया।

अस्पताल में मृत सुरक्षा श्रमिक के परिजन।

अस्पताल में मृत सुरक्षा श्रमिक के परिजन।

युवक हाथी देखने के लिए चला गया था। अब रविवार को उसकी लाश मिलने पर वन विभाग ने युवक प्रकाश केरकेट्टा (32 वर्ष) के हाथी द्वारा मारे जाने की पुष्टि की। बता दें कि 19 जनवरी को शहर में प्रतापपुर की ओर से एक हाथी घुस आया था। इसकी भनक लगते ही वन अमला मुस्तैद हो गया। हाथी फॉरेस्ट कॉलोनी और संजय पार्क व गाड़ा घाट होते हुए तकिया नर्सरी की ओर चला गया था। यहां वन विभाग द्वारा उस पर ड्रोन कैमरे से निगरानी रखी जा रही थी।

हाथी ने CCF बंगले की तोड़ दी थी दीवार।

हाथी ने CCF बंगले की तोड़ दी थी दीवार।

इधर शहर के बौरीपारा गाड़ाघाट निवासी प्रकाश केरकेट्टा उसी दिन अपने एक दोस्त के साथ स्कूटी से अपने ससुराल कोरबा जिले के मोरगा के पास जाने के लिए निकला था। गाड़ाघाट की ओर से हाथी के आने की खबर पर वह साथी के साथ रुक गया। वन अमले ने सभी को हाथी की तरफ नहीं जाने की समझाइश दी, लेकिन प्रकाश केरकेट्टा बांसबाड़ी की ओर चला गया। इस दौरान हाथी ने उसे कुचलकर मार डाला। उसकी क्षत-विक्षत लाश 22 जनवरी की सुबह बांसबाड़ी में बरामद हुई थी।

CCF बंगले की तोड़ी थी दीवार

गौरतलब है कि प्रतापपुर वन परिक्षेत्र में विचरण कर रहे 10 हाथियों के दल से बिछड़कर हाथी शहर में आ घुसा था। उसने पुरातत्व विभाग के पास एक व्यक्ति का घर क्षतिग्रस्त किया था। इसके अलावा फॉरेस्ट कॉलोनी में घुसकर उसने सीसीएफ के सरकारी बंगले की बाउंड्रीवाल भी ढहा दी थी। यहां से निकलने के बाद हाथी तकिया व गाड़ाघाट की ओर चला गया था। 20 जनवरी की ही रात वन विभाग द्वारा हाथी मित्रों की सहायता से पटाखे फोड़कर और मशाल जलाकर उसे शहर से दूर खदेड़ा गया था।

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