

रायपुर्। छत्तीसगढ़ में मानसून अब अपनी पूरी लय में आ चुका है। मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक झमाझम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। विशेषकर उत्तर छत्तीसगढ़ में अगले 24 घंटों के दौरान मूसलाधार बारिश होने के आसार हैं, जिसको लेकर प्रशासन और मौसम विभाग अलर्ट मोड पर हैं।
राजधानी रायपुर और आसपास के इलाकों में मंगलवार सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। हल्की बूंदाबांदी और ठंडी हवाओं के चलने से बीते कुछ दिनों की उमस से लोगों को बड़ी राहत मिली है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण पूरे प्रदेश में बारिश की अनुकूल स्थितियां बनी हुई हैं।
उत्तर छत्तीसगढ़ में दिखेगा ज्यादा असर: इन 8 जिलों में ‘यलो अलर्ट’
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में मानसून ट्रफ छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्से के करीब सक्रिय है। इसके प्रभाव से उत्तरी जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है।
प्रमुख रूप से
सरगुजा, बलरामपुर, जशपुर, कोरिया, सूरजपुर, रायगढ़, कोरबा और बिलासपुर जिले के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
विशेष चेतावनी: इन जिलों में तेज बारिश के साथ-साथ गर्जना, वज्रपात (बिजली गिरने) और तेज हवाएं चलने की आशंका है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदेश में आगामी एक सप्ताह तक बारिश का यह सिलसिला थमेगा नहीं। कई इलाकों में 50 से 100 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की जा सकती है। लगातार बारिश की वजह से स्थानीय नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
किसानों के चेहरे खिले, कृषि विभाग ने दी जल निकासी की सलाह
मानसून का यह चक्र खेती-किसानी के लिए वरदान साबित हो रहा है। विशेष रूप से धान की रोपाई कर रहे किसानों को इस बारिश से बड़ा फायदा पहुंचेगा।
हालाँकि, अत्यधिक बारिश से फसलों को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए कृषि विभाग ने किसानों को सलाह जारी की है: खेतों में आवश्यकता से अधिक पानी जमा न होने दें।
जल निकासी की समुचित व्यवस्था तुरंत सुनिश्चित करें।
प्रशासन की अपील
मौसम के तल्ख तेवर को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग ने आम नागरिकों को सतर्कता बरतने की हिदायत दी है।
वज्रपात से बचाव: बिजली कड़कने या चमकने के दौरान खुले मैदान, खेतों या पेड़ों के नीचे आश्रय न लें।
जलभराव से दूरी: उफान पर चल रहे नदी-नालों और रपटों को पार करने का जोखिम न उठाएं।
सुरक्षित ड्राइविंग: जलभराव वाले मार्गों पर वाहन धीरे और सावधानी से चलाएं।
अपडेट्स पर नजर: मौसम विभाग द्वारा जारी होने वाली ताजा चेतावनियों पर ध्यान दें।
