
जेल में बंद विधायक पति से मिलने बेरोकटोक आती-जाती थी निकहत
छापा में आपत्तिजनक चीजों के साथ पकड़ाई
विधायक अब्बास, उसकी पत्नी व जेलर समेत 7 के खिलाफ अपराध दर्ज

चित्रकूट 11 फरवरी। विधायक पति से जेल में मुलाकात करने पहुंची पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। विधायक को उनकी पत्नी के साथ मुलाकात जेलर के बाजू वाले कमरे में कराई जाती थी। तलाशी के दौरान विधायक पत्नी के पास से मोबाइल, कैश और कई अवैध चीजें भी बरामद हुई। मामले में पुलिस ने विधायक और उसकी पत्नी, जेलर सहित 7 लोगों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया है।
मामला उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जेल का है। पुलिस के अनुसार बांदा जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर मुख्तार अंसारी का बेटा और मऊ सीट से विधायक अब्बास अंसारी चित्रकूट जेल में बंद है। पुलिस को मुखबीर से सूचना मिली कि पति से मिलने निकहत रोज जेल जाती है। हर रोज वह करीब 11 बजे जेल पहुंचती हैं और 3-4 घंटे अंदर बिताकर वापस चली जाती हैं।
मुखबीर की सूचना पर डीएम औऱ एसपी सादी वर्दी में जेल के भीतर पहुंचे। विधायक अब्बास अंसारी अपने बैरक में मौजूद नहीं था। डीएम ने जब सख्ती से पूछताछ की तो एक जेल कर्मी ने जानकारी दी कि अब्बास जेलर के बाजू वाले कमरे में है। दोनों अफसर जब तक वहां का दरवाजा खुलवाकर पहुंचते, कर्मियों ने अब्बास को उसकी बैरक में पहुंचा दिया। कमरे में निकहत अकेली मिली। गेट में तैनात पुलिस कर्मियों ने बताया कि एक जेलकर्मी अब्बास को कुछ मिनट पहले ही उस कमरे से निकालकर उसके बैरक में छोड़ आया।
निकहत की तलाशी में उसके पास से दो मोबाइल, सोने के दो कंगन, नोज पिन, दो चेन और रियाल (विदेशी मुद्रा) बरामद हुई। अफसरों ने जब निकहत से उसके मोबाइल का पॉस वर्ड पूछा तो उसने गलत बताया जिससे फोन लॉक हो गया। इस मामले में पुलिस ने अब्बास अंसारी, निकहत बानो अंसारी, उसका ड्राइवर नियाज, जेलर अशोक कुमार सागर, डिप्टी जेलर सुशील कुमार और जेलकर्मी जगमोहन समेत ड्यूटी पर तैनात दूसरे जेलकर्मियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया है। मामले में गिरफ्तार निकहत से पुलिस पूछताछ कर रही है।
पुलिस ने जो एफआईआर दर्ज किया है उसके मुताबिक विधायक अब्बास अंसारी से जेल के अंदर मिलने निकहत बेरोक-टोक आती जाती थी। वह किसी भी तरह की अनुमति नहीं लेती थी। जेल के भीतर से अब्बास गैंग ऑपरेट करता था और पत्नी के मोबाइल से गवाहों और अभियोजन से जुड़े अधिकारियों को डराता धमकाता था। जिसके बाद उसके गुर्गे लोगों से पैसे वसूल कर अब्बास तक पहुंचाते थे।मुखबीर की सूचना पर डीएम औऱ एसपी सादी वर्दी में जेल के भीतर पहुंचे। विधायक अब्बास अंसारी अपने बैरक में मौजूद नहीं था। डीएम ने जब सख्ती से पूछताछ की तो एक जेल कर्मी ने जानकारी दी कि अब्बास जेलर के बाजू वाले कमरे में है। दोनों अफसर जब तक वहां का दरवाजा खुलवाकर पहुंचते, कर्मियों ने अब्बास को उसकी बैरक में पहुंचा दिया। कमरे में निकहत अकेली मिली। गेट में तैनात पुलिस कर्मियों ने बताया कि एक जेलकर्मी अब्बास को कुछ मिनट पहले ही उस कमरे से निकालकर उसके बैरक में छोड़ आया।
निकहत की तलाशी में उसके पास से दो मोबाइल, सोने के दो कंगन, नोज पिन, दो चेन और रियाल (विदेशी मुद्रा) बरामद हुई। अफसरों ने जब निकहत से उसके मोबाइल का पॉस वर्ड पूछा तो उसने गलत बताया जिससे फोन लॉक हो गया। इस मामले में पुलिस ने अब्बास अंसारी, निकहत बानो अंसारी, उसका ड्राइवर नियाज, जेलर अशोक कुमार सागर, डिप्टी जेलर सुशील कुमार और जेलकर्मी जगमोहन समेत ड्यूटी पर तैनात दूसरे जेलकर्मियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया है। मामले में गिरफ्तार निकहत से पुलिस पूछताछ कर रही है।
पुलिस ने जो एफआईआर दर्ज किया है उसके मुताबिक विधायक अब्बास अंसारी से जेल के अंदर मिलने निकहत बेरोक-टोक आती जाती थी। वह किसी भी तरह की अनुमति नहीं लेती थी। जेल के भीतर से अब्बास गैंग ऑपरेट करता था और पत्नी के मोबाइल से गवाहों और अभियोजन से जुड़े अधिकारियों को डराता धमकाता था। जिसके बाद उसके गुर्गे लोगों से पैसे वसूल कर अब्बास तक पहुंचाते थे।

