
रायपुर, 26 फरवरी। फर्म में किसी भी प्रकार के माल या सेवाओं की आपूर्ति किए बिना बड़े पैमाने पर फर्जी बिल बनाकर करोड़ों रुपए का फर्जीवाड़ा करने का मामला उजागर हुआ है। इसमें नकली इनपुट टैक्स क्रेडिट पारित करने का काम कर रहे मेसर्स यूनाइटेड इस्पात, रायपुर में केंद्रीय जीएसटी और केंद्रीय उत्पाद शुल्क ने गोपनीय सूचना के आधार पर छापा मारा है। जांच में पता चला कि सौरभ अग्रवाल, मेसर्स यूनाइटेड इस्पात के नाम से फर्जी फर्म का निर्माण और संचालन का काम कर रहा था। मेसर्स यूनाइटेड इस्पात ने ओड़ीशा और छत्तीसगढ़ स्थित विभिन्न फर्मों से 15.32 करोड़ रुपए का नकली इनपुट टैक्स क्रेडिट लिया और किसी भी प्रकार के माल और सेवाओं की आपूर्ति किए बिना अन्य फर्मों को 16.94 करोड़ रुपए का नकली क्रेडिट दिया। सौरभ अग्रवाल यह सभी फर्जी गतिविधियों को संचालित कर रहे थे और लेनदेन के मुख्य लाभार्थी पाए गए।
जानकारी के अनुसार सौरभ अग्रवाल को केंद्रीय जीएसटी टीम द्वारा सीजीएसटी अधिनियम 2017 की धारा 69 (1) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर अदालत के समक्ष पेश किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपी को 14 दिनों की रिमांड पर दिया है। इसी प्रकार गोपनीय सूचना है कि बड़ी संख्या में संदिग्ध करदाता हैं जो छत्तीसगढ़ राज्य के बाहर संचालित फर्जी फर्मों द्वारा जारी किए गए नकली इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाए हैं। ऐसे लगभग 147 संदिग्ध करदाताओं की वास्तविकता का पता लगाने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया गया और ऐसे सभी करदाताओं का भौतिक सत्यापन किया गया। यह भौतिक सत्यापन रायपुर सीजीएसटी आयुक्तालय के अधिकारियों द्वारा एक ही दिन में किया जिसमें बिना आपूर्ति किए इनवाइस जारी करने वाले 73 फर्जी लोगों की पहचान की गई।

