
दुर्ग न्यूज डेस्क, 13 मार्च। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विशाल चौधरी समेत मनी लॉन्ड्रिंग के विभिन्न संदिग्धों के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से प्राप्त करीब 100 जीबी डेटा फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। ईडी को इन जब्त मोबाइल से काफी कुछ नए खुलासे की उम्मीद है।
आपको बता दें कि रांची में पिछले साल पॉवर ब्रोकर विशाल चौधरी के परिसरों में ईडी ने छापा मारा था, जिसके बारे में कहा जाता है कि वह झारखंड के विभिन्न आईएएस और आईपीएस अधिकारियों और राज्य के अधिकारियों से जुड़ा हुआ है। छापेमारी के दौरान कई मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए गए थे।
सूत्रों ने बताया कि ईडी को विशाल चौधरी और कुछ हाई प्रोफाइल व्यक्तियों के कुछ अन्य वीडियो भी मिले हैं। अब ईडी विशाल चौधरी के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से प्राप्त कुछ कथित आपत्तिजनक वीडियो की जांच करना चाहता है। इसके लिए ईडी ने फॉरेंसिक जांच के लिए वीडियो क्लिप भेजी है। ईडी मुख्य रूप से अवैध पत्थर खनन मामले, घोटाला और टेंडर घोटाले की जांच कर रहा है। हालांकि ईडी ने इनमें से किसी भी मामले में विशाल को आरोपी नहीं बनाया है लेकिन सत्ता के दलाल के रूप में फॉरेंसिक जांच के लिए वीडियो क्लिप भेजी है। हाल ही में भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने एक वीडियो क्लिप जारी किया था, जिसमें वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राजीव अरुण एक्का को विशाल चौधरी के आवास पर कथित रूप से आधिकारिक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करते दिखाया गया है। बैकग्राउंड में विशाल चौधरी एक महिला से एक व्यक्ति से बकाया भुगतान के बारे में पूछते हुए सुनाई दे रहा है। बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया है कि आईएएस अधिकारी विशाल चौधरी के साथ विभिन्न घोटालों का हिस्सा थे। भाजपा नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल भी एक्का के खिलाफ कार्रवाई के लिए राज्यपाल से मिला था।

