शहरी क्षेत्र में बिना अनुमति बोर खनन पर रोक, जल आपूर्ति के समय टुल्लू चलाया तो खैर नहीं…..‼️

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गर्मी में पेयजल की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित रखने हुई बैठक

दुर्ग, 15 मार्च। नगरीय निकाय क्षेत्र में बिना प्रशासनिक अनुमति के नलकूप खनन नहीं करा सकेंगे। निगम द्वारा जल आपूर्ति के दौरान टुल्लू पंप चलाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान निगम अमला मानिटरिंग करेगा ताकि सभी को पानी मिल सके। एसडीएम भी इस संबंध में टीम बनाकर कार्रवाई करेंगे। कलेक्टर ने आज गर्मी सीजन में पेयजल व्यवस्था के संबंध में समीक्षा की। उन्होंने नगरीय निकायों में इसके लिए किये जा रहे कार्यों के बारे में पूछा। नगरीय निकाय के अधिकारियों ने बताया कि पानी के प्रेशर को बढ़ाने के लिए खराब पाइप बदले जा रहे हैं और वाल्व भी नये लगाये जा रहे हैं। कलेक्टर ने उन क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से कार्ययोजना बनाने कहा, जहां पेयजल संकट की आशंका हमेशा बनी रहती है। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन की मरम्मत के साथ ही खराब पड़े नलकूपों की मरम्मत भी करें। उन्होंने कहा कि पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था अच्छी होनी चाहिए और इसके लिए अभी से तैयारियों में जुट जाएं। बैठक में नगर निगम भिलाई आयुक्त रोहित व्यास तथा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

फाइट द बाइट कैंपेन

कलेक्टर ने मलेरिया उन्मूलन हेतु कराये जा रहे कार्यों की विशेष रूप से समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए घर-घर सर्वे किया जा रहा है और तालाबों की साफ-सफाई पर व्यापक कार्य किया जा रहा है। घर पहुंच से मच्छरों के रोकथाम में मदद मिल रही है। कलेक्टर ने नगरीय निकायों के अधिकारियों से इसकी लगातार मानिटरिंग के लिए कहा।

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असहाय पशुओं की चिकित्सा के लिए बनेगा ट्रामा सेंटर
उतई में असहाय पशुओं की चिकित्सा के लिए ट्रामा सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस संबंध में भूमि के चिन्हांकन के लिए कलेक्टर ने सीएमओ को निर्देश दिये। कलेक्टर ने गौठानों में उन्नत नस्ल के गायों के पालन के लिए की गई कार्रवाई के बारे में भी जानकारी ली। साथ ही सभी गौठानों में यूरिया ट्रीटमेंट युक्त पैरा उपलब्ध कराने के लिए कहा।

बाड़ियों को जैविक बाड़ियों में किया जाएगा अपग्रेड
कलेक्टर ने बैठक में कहा कि अभी 60 से अधिक बाड़ियों में जैविक खाद से सब्जी उत्पादन हो रहा है। धीरे-धीरे सभी बाड़ियों को जैविक बाड़ियों में परिवर्तित करें। इसके लिए आवश्यक तैयारियां कर लें। जिला पंचायत सीईओ अश्विनी देवांगन ने बताया कि अभी बाड़ियों में मोनोक्रापिंग हो रही है। साथ ही रोपणी से पौधे दिये जा रहे हैं। जैविक बाड़ियों को विकसित करने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

निर्माणाधीन शासकीय भवनों की गोबर पेंट से होगी पुताई

इसके लिए साल भर की खपत की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने सभी निर्माण एजेंसियों से उनके चल रहे काम की जानकारी ली तथा इसके लिए लगने वाले गोबर पेंट की खपत के बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि इसके मुताबिक गोबर पेंट यूनिटों द्वारा आपूर्ति की जाएगी।

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