IAS विश्नोई और दो कारोबारियों के खिलाफ 500 करोड़ रुपए से अधिक की गड़बड़ी के दस्तावेज जमा | ED case chargesheet presented in Raipur court Sunil Aggarwal, Laxmikant, IAS Sameer Vishnoi

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रायपुर4 मिनट पहले

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ED ने शुक्रवार को रायपुर की अदालत में चालान पेश कर दिया। ये चालान IAS समीर विश्नोई, काराेबारी लक्ष्मीकांत तिवारी और सुनील अग्रवाल से जुड़ा है। इन तीनों ही आरोपियों ने कैसे करोड़ों रुपयों की हेर-फेर की। कैसे पद पर रहकर IAS ने अपनी ताकतों का इस्तेमाल किया, ये पूरी जानकारी अदालत को दी गइ है ।

प्रवर्तन निदेशालय के अफसर गाड़ियों में चार्जशीट लेकर चुपचाप रायपुर की अदालत पहुंचे। जज अजय सिंह की कोर्ट में अफसर पहुुंच गए और जानकारी दी। हालांकि चर्चा शनिवार को चार्जशीट पेश करने की थी, मगर एक दिन पहले ही इसे पेश किया गया।

इस मामले में कारोबारी सूर्यकांत तिवारी भी जेल में हैं।

इस मामले में कारोबारी सूर्यकांत तिवारी भी जेल में हैं।

मुझे मुर्गा बनाते हैं
अदालत में एक आवेदन की चर्चा है। शुक्रवार को ED के अफसरों के खिलाफ एक कारोबारी ने ये शिकायत का आवेदन दिया है। चर्चा है कि ED जांच में फंसे आरोपियों से इस आवेदक का संबंध रहा है। आवेदक ने कोर्ट में दिए आवेदन में कहा है कि बेवजह मुझे ED के अफसर परेशान कर रहे हैं, पूछताछ के नाम पर मुझे मुर्गा बनाया जाता है, धमकाया जाता है। इससे पहले इस तरह के तथ्य उजागर हो चुके हैं।

चार्जशीट में 500 करोड़ से ज्यादा का अवैध हिसाब
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ED ने अपनी चार्जशीट में तीनों आरोपियों IAS समीर, कारोबारी लक्ष्मीकांत और सुनील अग्रवाल द्वारा की गई आर्थिक गड़बड़ियों का जिक्र किया है। पहले भी ED ने न्यायालय को बताया है, कि जिन दस्तावेजों को आयकर विभाग ने प्रवर्तन निदेशालय से साझा किया है उसमें अवैध उगाही के तथ्य हैं। उनमें कहा गया है कि 16 महीनों में ही कोयला परिवहन से 500 करोड़ रुपए की वसूली हुई। यह रकम बांटी गई।

क्या है लक्ष्मी और सुनील का रोल
जून 2022 में पड़े आयकर विभाग के छापों में एक डायरी मिली थी। उसमें कई जगह समीर विश्नोई को रकम देने का जिक्र है। एक पेज पर मार्च 2022 में समीर विश्नोई को 50 लाख रुपया देने की बात लिखी है। विश्नोई के घर से भी हाथ से लिखे कई ऐसे कागज मिले हैं, जिसमें रुपयों के लेन-देन का ब्यौरा दर्ज है। यहीं से मामला ED के पास पहुंचा था।

इस पूरे मामले में ED के मुताबिक गिरफ्तारी कारोबारी सुनील कुमार अग्रवाल वसूली में शामिल हैं। अग्रवाल ने फरवरी 2022 में एक कंपनी बनाई। उसने जुलाई-अगस्त 2022 में दो कोल वॉशरी खरीदी। इन दोनों के मालिकों को दबाव पूर्वक कोल वॉशरी की कीमत कम रखने पर बाध्य किया गया। उसके बाद उनको बेच भी दिया गया। आरोप है, इन कोल वॉशरी के जरिए अवैध उगाही गई रकम को खपाया गया है।

जून 2022 में आयकर विभाग के छापे में भी लक्ष्मीकांत तिवारी के यहां से 6 करोड़ 44 लाख रुपए कैश और 3 करोड़ 24 लाख रुपयों से अधिक कीमत के आभूषण बरामद हुए थे। इस बार ED 11 अक्टूबर को जब तिवारी के महासमुंद स्थित घर पहुंची तो कहा गया कि वे दो दिन पहले ही कहीं बाहर चले गए हैं। बाद में खुफिया सूचना के आधार पर तिवारी को रायपुर के एक होटल से पकड़ा गया। पूछताछ के बाद उनके बताये एक ठिकाने से डेढ़ करोड़ रुपए कैश बरामद हुआ। तिवारी की भूमिका कैश ट्रांजेक्शन और बेनामी संपत्ति को चेहरा देने में बताई गई है।

10 दिसंबर को सब होंगे पेश
बीते मंगलवार को ED ने मनी लॉन्ड्रिंग केस के सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। कई घंटे की सुनवाई के बाद भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। कारोबारी सूर्यकांत तिवारी, IAS समीर विश्नोई, लक्ष्मीकांत तिवारी और सुनील अग्रवाल को कोर्ट ने 10 दिसंबर तक के लिए जेल भेज दिया है। वहीं उप सचिव सौम्या चौरसिया को 10 दिसंबर तक ED की हिरासत में भेज दिया है।
शनिवार को ये सभी फिर से कोर्ट में पेश किए जाएंगे।

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