
दुर्ग35 मिनट पहले

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अवैध दुकान को तोड़ने पहुंची निगम की टीम
दुर्ग के इंदिरा मार्केट में स्थित अवैध दुकान अकरम स्टोर एंड लॉक हाउस को तोड़ने के लिए पहुंची निगम की टीम को बैरंग लौटना पड़ा। तहसीलदार ने कोर्ट के आदेश पर दुकान को तोड़ने के लिए अतिक्रमण निरोधक दस्ता बुलाया था। दुकान संचालक ने कार्रवाई के दौरान टीम को उलझाकर रखा और उतनी देर में स्टे ऑर्डर लेकर आ गया। इससे टीम को बैरंग लौटना पड़ा।

जानकारी के मुताबिक इंदिरा मार्केट में प्लाट नंबर 13 पर मोहम्मद सुबेराती पिता गुलाम कादिर (61 साल) की अकरम स्टोर एंड लॉक हाउस नाम से दुकान है। यह दुकान अवैध रूप से बनाई गई थी। इसे तोड़ने के लिए न्यायालय में केस लगा था। वहीं अतरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग के आदेश पर नायब तहसीलदार दुर्गा साहू, भवन अधिकारी गिरीश दीवान, बाजार अधिकारी जावेद अली, सहायक राजस्व अधिकारी धान सिंह यादव और उप राजस्व निरीक्षक भुवन दास साहू दल बल के साथ दुकान को तोड़ने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने दुकान संचालक को दुकान खाली करने की बात कही।
दुकान संचालक ने अपने आदमियों को बुलाकर उसका विरोध किया। इससे निगम की टीम उसमें उलझ गई। लगभग एक घंटे दोनों पक्षों में विरोध चलता रहा। जब निगम ने बुलडोजर को दुकान तोड़ने के लिए आगे बढ़ाया तो दुकान संचालक के वकील ने अधिकारियों के हाथ में स्टे ऑर्डर थमा दिया।

निगम की टीम का विरोध करते लोग
फिर से होगी मामले की सुनवाई
निगम के अधिकारियों का कहना है कि स्टे ऑर्डर मिलने से उन्हें बिना कार्रवाई के लौटना पड़ा है। वह इस स्टे ऑर्डर के खिलाफ फिर से कोर्ट में अपील करेंगे। आगे जैसा आदेश होगा उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
एक घंटे तक मार्केट में लगा जाम
कार्रवाई के दौरान दुकान संचालक की ओर से बड़ी संख्या में लोग आ गए। उन्होंने इस पर विरोध शुरू कर दिया। निगम की टीम को आगे ही नहीं बढ़ने दिया। बाद में पुलिस बल को बुलाना पड़ा। इस दौरान लगभग एक घंटे तक पूरे इंदिरा मार्केट की रोड जाम रही।
