छत्तीसगढ़ का पहला जीरो वेस्ट, अत्याधुनिक 15 करोड़ 86 लाख से तैयार हुआ है संयंत्र

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मुख्यमंत्री ने 80 एमएलडी क्षमता के नये जल शुद्धिकरण संयंत्र की दी सौगात

रायपुर 27 अप्रैल। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायपुर दक्षिण विधानसभा में भेंट-मुलाकात के दौरान भाठागांव में 80 एमएलडी क्षमता के नये जल शुद्धिकरण संयंत्र का लोकार्पण कर किया । यह संयंत्र छत्तीसगढ़ का पहला जीरो वेस्ट, वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट है। कार्यक्रम में उन्होंने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए नगर निगम रायपुर के 9 बैक हो लोडर गाड़ियों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

अत्याधुनिक जल शोधन संयंत्र लगभग 15 करोड़ 86 लाख रूपये की लागत से तैयार किया गया है। इस संयंत्र का संचालन लैमेला ट्यूब सेटलर पद्धति से किया जाएगा। यह पूरी तरह से स्वचलित प्रणाली पर आधारित है। संयंत्र से प्राप्त जल से शहर के देवेन्द्र नगर, मोतीबाग, नलघर, बैरनबाजार, संजय नगर तथा मठपुरैना के छह बड़ी टंकियों को भरा जाएगा और जिससे शहर की बड़ी आबादी को शुद्ध एवं साफ पेयजल उपलब्ध हो पायेगा।

मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित जल शोधन संयंत्र के संचालन की पूरी प्रक्रिया और तकनीकी जानकारियां ली और कंट्रोल रूम का अवलोकन भी किया। इस मौके पर उन्होंने भाठागांव में ही दो पुराने जल शोधन संयंत्रों के उन्नयन के बाद उन्हें लोकार्पित किया। इन पुराने जल शोधन संयंत्रों की क्षमता बढ़ाई गई है।

राजधानी को टैंकरमुक्त करने में मिलेगी मदद

नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि नवनिर्मित जल शोधन संयंत्र से राजधानी रायपुर को टैंकरमुक्त कर पर्याप्त पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही पुराने शोधन यंत्रों के आधुनिकीकरण और क्षमता विस्तार से भी राजधानी टैंकर मुक्त हो सकेगी। भाठागांव में पहले से स्थापित 150 एमएलडी के फील्टर प्लांट में भी क्षमता बढ़ाने के लिए छह नये मोटर पंप लगाये गये है। इन नये मोटर पंपों से 1706 क्यूबिक मीटर प्रति घंटा पानी देने वाले संयंत्र की क्षमता बढ़कर 2046 क्यूबिक मीटर प्रतिघंटा हो गई है। इसी तरह 80 एमएलडी के पुराने फिल्टर प्लांट में भी छह नये मोटर स्थापित किए गए है। इस संयंत्र की क्षमता 954 से बढ़कर 995 क्यूबिक मीटर प्रति घंटा हो गई है।

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