

दुर्ग न्यूज। दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय दुर्ग के अंतर्गत वन्यजीव स्वास्थ्य एवं फॉरेंसिक केंद्र द्वारा जैव विविधता सप्ताह 2023 के अंतर्गत गुरुवार को “फ्रॉम एग्रीमेंट टू एक्शन बिल्ड बैक बायोडायवर्सिटी” विषय पर पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय, अंजोरा में छात्र-छात्राओं हेतु प्रश्नोत्तरी प्रतिस्पर्धा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति कर्नल (डॉ.) एनपी दक्षिणकर थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की मूर्ति पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉ.एसएल अली ने “फ्रॉम एग्रीमेंट टू एक्शन बिल्ड बैक बायोडायवर्सिटी” विषय पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने स्वागत भाषण में कहा कि पृथ्वी पर पाए जाने वाले जीवधारियों के बीच पाए जाने वाले विभिन्नता को जैव विविधता कहते हैं। जैव विविधता ही प्रकृति के संतुलन का सबसे बड़ा आधार है एवं पृथ्वी में जीवन के अस्तित्व की निरंतरता जैव विविधता के कारण ही संभव हैं। उन्होंने बताया कि जैव विविधता सप्ताह का आयोजन लोगों में विशेषकर युवाओं में जैव विविधता के मानव जीवन में महत्व के प्रति जागरूकता लाने के लिए किया जाता है। कुलपति कर्नल (डॉ.) एन.पी.दक्षिणकर ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जियो और जीने दो का सिद्धांत सर्वोपरि है। इस प्रकृति में पाए जाने वाले सूक्ष्मतम जीव से लेकर बड़े प्राणियों का जीवन एक दूसरे पर निर्भर करता है। अतः इस जैव विविधता का संतुलन ही प्रकृति के संतुलन को बनाए रखता है ।आज कल कृषि में कीटनाशक एवं रसायनिक उर्वरकों का अंधाधुंध उपयोग किया जा रहा है, जो कि जैव विविधता के लिए घातक है और यह जैव विविधता धरती की उर्वरक क्षमता को बनाए रखने के लिए आवश्यक है। कृषि, पशुपालन, मछली पालन इत्यादि गतिविधियों को यदि परंपरागत पद्धति से किया जाएगा एवं रसायनों का कम से कम उपयोग किया जाए तो जैव विविधता को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि विश्वविद्यालय परिसर को प्लास्टिकमुक्त एवं हरा भरा रखने की जिम्मेदारी लें। प्रश्नोत्तरी प्रतिस्पर्धा के विजेताओं को पुरस्कार वितरण किया। इस प्रश्नोत्तरी प्रतिस्पर्धा में प्रथम डॉ.अंकित गुप्ता, द्वितीय डॉ. अमन सिन्हा, डॉ.ऋषभ सिन्हा एवं तृतीय डॉ.राहुल बोहिधर, अपूर्वा पांडे, समिधि मानिकपुरी रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ.निधि रावत एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ.जसमीत सिंह द्वारा किया गया। अन्य विशिष्ट अतिथिगणों में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ.आरके सोनवणे, वित्त अधिकारी शशिकांत काले, निदेशक अनुसंधान डॉ.जीके दत्ता, निदेशक विस्तार शिक्षा डॉ.संजय शाक्य, अधिष्ठाता मात्स्यिकी महाविद्यालय कवर्धा डॉ.राजू शारदा, निदेशक जैव प्रौद्योगिकी संस्थान डॉ.एमके अवस्थी, कार्यकारी अधिष्ठाता डॉ.के मुखर्जी, निदेशक वन्यजीव स्वास्थ्य एवं फॉरेसिंक केंद्र डॉ.एसएल अली एवं विश्वविद्यालय जनसंपर्क अधिकारी डॉ.दिलीप चौधरी, महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं छात्र छात्रा उपस्थित रहे।

