भिलाई आकर गौरव महसूस होता है – प्रियंका

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दुर्ग न्यूज, 21 सितंबर। प्रियंका गांधी ने आज महिला समृद्धि सम्मेलन में कहा कि आज यहां आकर मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है। ये भिलाई है। 1955 में पंडित जवाहरलाल नेहरू जी ने यहां स्टील प्लांट की नींव डाली। आज जो भिलाई है वो इस पूरे देश के लिए मिसाल है। पूरे देश भर से यहां लोग आते हैं। एकजुट होकर आप यहां रहते हैं। आधुनिक भारत की नींव यहीं पर डली। पंडित जवाहरलाल नेहरू के साथ ऐसे महापुरुष थे जो आजादी के लिए लड़े। उन्हीं के उसूलों से यह देश लड़ा। यह ऐसी राजनीति है जिसमें नेता वर्तमान को भी मजबूत बनाते हैं और भविष्य को भी देखते हैं।

 

मैंने बचपन में खेला है पिट्ठूल,

लड़कियां हमेशा लड़कों को हराती थीं-

 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि आज प्रियंका जी को भौंरा हाथों में लेते वक्त मैंने महसूस किया कि वे पता नहीं इसे खेल पाएंगी या नहीं लेकिन उन्होंने इतने अच्छे से खेला कि हम सब चकित रह गये। इस पर अपने संबोधन में श्रीमती गांधी ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री जी को बताना चाहूँगी कि बचपन में मैंने पिट्ठूल, कंचे, गिल्ली डंडा और स्टापू सब खेला है। महिलाएं हमेशा लड़कों को हराती थीं।

 

अमेठी में पिता के साथ किए दौरे का संस्मरण सुनाया-

 

श्रीमती गांधी ने कहा कि जब मैं छोटी थी तब मैं अपने पिता जी के साथ अमेठी के दौरे पर गई थी। वे खुद जीप चलाते गये। एक गांव में हम उतरे, कुछ लोगों से बातचीत करने लगे। एक महिला उन्हें जोरजोर से डांटने लगी। मुझे लगा कि मेरे पिता को कैसे डांट रही हैं। उसने कहा कि सड़क खराब है तुमने क्या किया है। मेरे पिता जी ने उनकी बात शांति से सुनी और कहा कि सब ठीक करेंगे। यह उस समय की राजनीति है कि प्रधानमंत्री को तक एहसास होता था कि जनता के प्रति उसकी जिम्मेदारी है। मैंने अपने पिता से पूछा कि आपको बुरा नहीं लगा। मेरे पिता ने कहा नहीं, उसका कर्तव्य मुझे ध्यान दिलाने का था और मेरा भी कर्तव्य है कि मैं उनकी समस्याओं को दूर करने काम करूँ।

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