
रायपुर12 मिनट पहले

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रायपुर की पुलिस ने दो सहेलियों को पकड़ा है। ये मुफ्त का खाना खाने की इतनी शौकीन रहीं हैं कि ठग बन गईं। एक दुकानदार की शिकायत पर इन्हें पकड़ा गया है। ये उस कारोबारी की दुकान में हर राेज जाया करती थीं, मुफ्त के पकवान खाती थीं। इन दोनों औरतों ने कारोबारी से कह दिया था कि हम सरकारी अफसर हैं, इसकी धौंस दिखाकर कारोबारी को दोनों महिलाएं पिछले कई दिनों से लूट रहीं थीं।

इन ठग महिलाओं के खिलाफ पुरानी बस्ती थाने की टीम ने कार्रवाई की है। गिरफ्तार हुई औरतों का नाम स्वाति तिवारी अस्थाना है जो कि रायपुर के शिवम विहार कॉलोनी की रहने वाली है। दूसरी औरत का नाम ममता शर्मा है ये हिमालय हाइट्स, डूमर तराई की रहने वाली है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, इनके खिलाफ सागर शर्मा नाम के कारोबारी ने शिकायत की थी। सागर का शीतला चौक भाठागांव में एक छाेटा सा रेस्टोरेंट है। यहां मिठाईयां, इंडियन स्नैक्स मिलते हैं। डेढ़ महीने पहले इसकी दुकान में स्वाति और ममता आए। दोनों ने सागर से कहा कि हम फूड डिपार्टमेंट की ऑफिसर हैं। लाइसेंस की जांच करनी है। दुकानदार ने लाइसेंस दिखाया जो एक्सपायर हो चुका था। दोनों महिलाओं ने नियम कानून बताया और कहा कि इसे रिन्यू करना होगा नहीं तो कार्रवाई होगी।

पुरानी बस्ती पुलिस ने इस केस में कार्रवाई की है।
हमें नाश्ता कराओ तुमपर कार्रवाई रुकवा देंगे
दुकानदार का कहना है कि मुझे डराकर इन औरतों से मुझ से 7 हजार रुपए ले लिए। इसके बाद बार-बार मेरी दुकान में आने लगीं और रुपए लेने लगीं। मुझसे कहा करती थीं कि तुम्हारी दुकान में छापा पड़ जाएगा। बदले में हमें नाश्ता कराओ तुमपर कार्रवाई रुकवा देंगे। रेस्टोरेंट में बने पकवान सागर इन्हें परोस देता था, खा-पीकर दोनों औरतें चली जाया करती थीं। इसी तरह हर रोज करीब 5 हजार रुपए का चाय नाश्ता दोनों महिलाएं डकार गईं। तंगआकर सागर ने इन महिलाओं के बारे में पता किया तो ये फर्जी निकलीं। फिर थाने जाकर कारोबारी ने इनकी शिकायत की।
और भी लोगों को ठगा
पुलिस को जानकारी मिली है कि इन महिलाओं ने और भी लोगों के साथ ठगी की है। इन दोनों महिलाओं से अन्य मामलों की भी पूछताछ की जा रही है। बहुत से दुकानदारों ने पुलिस के पास डर के मारे शिकायत ही नहीं की कुछ तो इन्हें सच में फूड ऑफिसर समझकर इनके झांसे में आते रहे। इन महिलाओं को इनके घरों से ही पकड़ा गया है। पुलिस ने शुक्रवार को इन्हें कोर्ट में पेश किया जहां से इन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

24 घंटे पहले अरेस्ट हो चुका है नकली IAS
रायपुर की पुलिस ने 24 घंटे पहले ही एक नकली IAS को भी पकड़ा है। इन जनाब ने तो पूरे कॉन्फिडेंस से संस्कृति विभाग को ही बेवकूफ बना दिया। इस बदमाश का नाम है तारणदास भारती। कुछ दिन पहले इसने खुद को IAS बताकर संस्कृति विभाग के अधिकारियों से कहा था कि मेरा एक NGO है इसे अनुदान देना होगा।
शक होने पर जानकारी ली गई तो पचा चला कि यह बदमाश है इसके बाद सिविल लाइन थाना की पुलिस ने नकली IAS को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि तारण दास भारती पेशे से लोक कलाकार है। उसने खुद को उत्तर प्रदेश का आईएएस अफसर बताते यहां तक कह दिया था कि मेरी पोस्टिंग लखनऊ में है। भारती ने एक लेटरपैड में संस्कृति विभाग में अनुदान के लिए आवेदन किया, जिसपर उसके नाम के साथ IAS भी लिखा था।
क्रिकेटर बनाने के नाम पर ठग लिया

गिरफ्त में आरोपी।
बिलासपुर में युवकों को नेशनल लेवल पर क्रिकेट खिलाने के नाम पर ठगी करने वाले प्राइम क्रिकेट एकेडमी के कोच को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एकेडमी के संचालक और कोच ने मिलकर क्रिकेट खेलने वाले 10 युवकों के पेरेंट्स से 61 लाख 67 हजार रुपए वसूल लिया। साथ ही उन्हें BCCI और छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ का फर्जी सिलेक्शन लेटर थमा दिया था। यही नहीं उन्हें मलेशिया में आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट में सिलेक्शन का भी फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर दे दिया। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूरा मामला तोरवा थाना क्षेत्र का है।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के वेयर हाउस रोड निवासी राखी खन्ना ने अपनी शिकायत में बताया कि उनका बेटा आकाश खन्ना (22) ने दिसंबर 2020 में प्राइम क्रिकेट एकेडमी ज्वॉइन किया। इसके डॉयरेक्टर अंजुल दुआ व कोच सन्नी दुआ हैं। दोनों पति पत्नी हैं। उन्होंने उनके बेटे को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट खिलाने का सपना दिखाया। दिसंबर 2021 में उनके बेटे के साथ ही एकेडमी में खेलने वाले बच्चों व उनके अभिभावकों को ऑल इंडिया गोवा कप होने की जानकारी दी। बताया कि यह नेशनल लेवल का टूर्नामेंट है और इसका सर्टिफिकेट बहुत मायने रखेगा। दोनों मिलकर बच्चों को वहां ले गए और इसके लिए अनाप शनाप पैसे वसूल लिए।पढ़ें पूरी खबर
