दुर्ग न्यूज़, 18 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ में महादेव सट्टा एप कनेक्शन और मनी लांड्रिंग को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने दुर्ग भिलाई और राजनांदगांव में 7 ठिकानों पर दबिश दी थी। 18 से 24 घंटों की जांच के बाद ईडी को कई अहम दस्तावेज हाथ लगे हैं। इस पूरी कार्रवाई में ईडी ने 90 लाख रुपये कैश, प्रॉपर्टी के दस्तावेज, मोबाइल और डिजिटल सबूत जब्त किए हैं। कुछ लोगों को पूछताछ के लिए रायपुर भी लाया गया है। साक्ष्यों की जांच के बाद ईडी बड़ा खुलासा करेगी।
भिलाई के पदुमनगर, नेहरु नगर और वैशाली नगर में प्रवर्तन निदेशालय की छापामार कार्रवाई सोमवार सुबह से मंगलवार तक चली थी। पांच व्यापारियों के यहां से आधी रात को ईडी की टीम लौट गई, लेकिन चावल व्यापारी के यहां ईडी की टीम सुबह तक जांच करती रही। छापामार कार्रवाई के बाद ईडी चावल व्यापारी के बेटे को अपने साथ रायपुर स्थित कार्यालय ले गई, जहां उससे ईडी के अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं। वहीं सूत्र बता रहे हैं कि ईडी के शिकंजे में कुछ नेता और अफसर भी आने वाले हैं। इन्हें हर महीने मोटी रकम पहुंचाई जाती थी।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस कार्रवाई में छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े पटाखा व्यापारी के घर ईडी देर रात तक जांच करती रही। ईडी ने यहां से कैश, प्रापर्टी के कई दस्तावेज, बैंक एकाउंट और दो मोबाइल जब्त किए हैं। अन्य छह 6 व्यापारियों के घर से 90 लाख रुपये बरामद किये हैं। जानकारी के अनुसार, ईडी को व्यापारियों के घरों से कई डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिसमें महादेव ऐप से जुड़ने की बात सामने आई है। बताया गया कि इनके माध्यम से रकम को खपाने के साक्ष्य भी ईडी के हाथ लगे हैं। मोबाइल और डिजिटल साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद ईडी बड़ा खुलासा कर सकती है।
अब तक 417 करोड़ की संपत्ति ED जब्त
ईडी अब तक छत्तीसगढ़ में रायपुर-दुर्ग, मध्य प्रदेश में भोपाल, महाराष्ट्र के मुंबई और पश्चिम बंगाल के कोलकाता सहित देशभर में 45 जगहों पर छापेमारी कर चुकी है। इस दौरान 417 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। एजेंसी सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की तैयारी में है। रायपुर में स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। छत्तीसगढ़ में आरोपियों के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी किया है।
