मस्कट में फंसी 50 से अधिक महिलाओं ने वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन को विडियो भेज कहा – हमें बचा लो

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???? अपने वतन लौटी भिलाई की दीपिका ने बताया एम्बेसी में मौजूद भारतीय महिलाओं का दर्द….

दुर्ग न्यूज़, 10 फरवरी। ओमान में दीपिका ही नहीं कई इंडियन महिलाएं मस्कट एम्बेसी में अपने वतन लौटने बेताब हैं, भिलाई की दीपिका तो वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन के प्रयास से परिवार में लौट आई है मगर हैदराबाद, पंजाब, चैन्नई, बेंगलुरु सहित कई राज्यों से कुकिंग के काम से मस्कट भेजी गईं महिलाएं इन दिनों आंसू बहाने को विवश हैं। वो सभी इंडियन एम्बेसी से अपने वतन भारत परिवार और बच्चों के बीच लौटना चाहती हैं मगर दीपिका की तरह उन्हें वापस लाने की पहल कब होगी, इसका जवाब फिलहाल उनके पास नहीं है क्योंकि दीपिका ने भिलाई आकर बताया कि एम्बेसी वाले खुद नहीं चाहते की महिलाएं इंडिया लौट जाएं। ओमान में कुक और होम मेड को लेकर बड़ी डिमांड है और प्लेसमेंट एजेंसियों को दो साल के एग्रीमेंट पर दो-दो लाख रूपये मिला करते हैं और कहीं न कहीं इस बंदरबांट का फायदा एम्बेसी में बैठे लोगों को भी होता रहा है नतीजतन एक-एक साल से वापस लौटने की गुहार लगाती महिलाओं का नंबर नहीं लगा है।

कल रात खुर्सीपार भिलाई की दीपिका जब रायपुर एयरपोर्ट पर विधायक रिकेश सेन और अपने परिजनों से मिली तो उसके आंसू नहीं रूक रहे थे। दीपिका ने कहा कि वह ऐसे दलदल में फंसी थी कि अब भी यकीन नहीं हो रहा कि वह अपने वतन लौट आई है। उसने राज्य के उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा से मस्कट इंडियन एम्बेसी में फंसी आधा सैकड़ा महिलाओं को जल्द भारत बुलवाने पहल करने की मांग की है।

दीपिका ने कहा कि लगभग सभी महिलाओं को 30 से 40 हजार सैलरी पर बतौर कुक नौकरी दिलाने का झांसा देकर वहां ले जाया जाता है और होम मेड के सारे काम करवाए जाते हैं। दो वर्ष की नौकरी का एग्रीमेंट होने के बाद बीच में कोई भी लौटना चाहे तो उसके परिवार से 3 लाख और वेतन रिकवरी की धमकी दी जाती है। खुद दीपिका ओमान में जिस हफीजा के चंगुल में फंसी थी उसके 9 बच्चों का बडा़ परिवार था और सभी बच्चों के तीन से चार बच्चे थे, लगभग 35 से 40 लोगों के परिवार में उससे घर सफाई से लेकर खाना बनाने, बर्तन धोने का काम करवाया जाता और बदले में 27 हजार एकाउंट में छ: से सात महीने सैलरी दी गई, जब दीपिका बीमार पड़ी और काम छोड़ वापस भारत लौटने की बात कहने लगी तभी से उसके बुरे दिन शुरू हो गए। उससे हफीजा और उसके बच्चों ने मारपीट की और तीन लाख की डिमांड करते हुए सैलरी समेत परिवार से संपर्क का एकमात्र सहारा फोन और वाई फाई सुविधा बंद कर उसके घर से बाहर निकलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

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अपने वतन वापस जाने की गुहार लगातीं मस्कट इंडियन एम्बेसी में पांच दर्जन से भी ज्यादा महिलाएं अब भी मौजूद हैं जिन्हें समय से भर पेट खाना भी नहीं दिया जाता। एम्बेसी के लोग उन्हें काम पर वापस लौटने का ही दबाव बनाते रहे हैं। इन महिलाओं ने भी दीपिका के माध्यम से वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन को विडियो भेज कर मदद की गुहार लगाई है।

इनमें कई महिलाएं ऐसी भी हैं जिनके रिश्तेदारों ने उन्हें अच्छी नौकरी का झांसा देकर मस्कट भेज दिया है। महिलाओं ने विडियो में बताया है कि जब वो वहां पहुंची तो वहां के एजेंट ने उनका पासपोर्ट और सिम ले लिया है। उन्हें मस्कट से नई सिम देकर परिवार से केवल रात में कुछ मिनटों के लिए वाट्सअप काल के जरिए सम्पर्क की इजाजत होती है। पंजाब की एक महिला भारत में अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य के लिए ओमान गई लेकिन उसे खाड़ी देश में दु:खद और भयावह स्थिति से गुजरना पड़ा और उसने खुद को एक खतरनाक स्थिति में पाया जहां मदद करने वाला कोई नहीं है।

भिलाई नगर विधानसभा की दीपिका के लिए विधायक रिकेश सेन, गृह मंत्री विजय शर्मा और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिस तत्परता से सामूहिक प्रयास किया और विदेश मंत्रालय की मदद से आवश्यक पहल का ही नतीजा है कि खुर्सीपार की 29 वर्षीय जोगी दीपिका आज अपने बच्चों और परिवार के साथ है। लेकिन दीपिका के मुताबिक हर कोई उसकी तरह खुशनसीब नहीं होता क्योंकि हैदराबाद, पंजाब सहित अन्य राज्यों की कई भारतीय महिलाएं हैं जो खाडी़ में मुश्किल हालात में जी रही हैं और जिन्हें भारत लौटने की कोई उम्मीद फिलहाल नहीं है।

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मस्कट ओमान में आठ महीने बिताने के बाद हाल ही में लौटी दीपिका ने बताया कि जिन महिलाओं को नौकरी (घरेलू नौकरानी या केयरटेकर का काम) देने के बहाने ओमान ले जाया जा रहा है, उन्हें वहां के स्थानीय लोगों को कथित तौर पर बेचा जा रहा है। इंडियन एम्बेसी में लगभग 50 से अधिक अन्य अविवाहित/विवाहित युवतियों का एक बड़ा समूह है जिन्हें भारत में उनके ट्रैवल एजेंटों ने धोखा दिया और वो खाड़ी देश में फंसी हुई अपने रेस्क्यू की प्रतीक्षा कर रही हैं।

दीपिका ने आरोप लगाया कि इन सभी कमजोर महिलाओं को वहां उतरने के बाद पीटा जाता है और धमकाया जाता है। जो विरोध करती हैं उन्हें कई दिनों तक भूखा रखा जाता है।

भिलाई में दीपिका और मुकेश की 4 साल की बच्ची वैष्णवी और 6 साल का बेटा समर, जो कि पिता के साथ ही भिलाई में थे, वो भी काफी खुश हैं। मुकेश ने बताया कि विधायक रिकेश सेन ने उनसे कहा कि दीपिका के काम की व्यवस्था वो भिलाई में ही कर देंगे, पूरा परिवार एक साथ रहो। दीपिका का बेटा समर पढ़ाई में काफी अच्छा है, दीपिका ने कहा कि अब भिलाई में ही काम कर वो परिवार के साथ रहते अपने बच्चों का भविष्य बनाएगी, उन्हें अच्छी शिक्षा देगी। मुकेश भी पेशे से कुक है और भिलाई के ही एक रेस्टोरेंट में काम करता है, पिछले एक महीने से वह काफी परेशान रहा, कई बार थानों के चक्कर काट दीपिका को लाने मिन्नतें करता रहा। जनदर्शन में भी अर्जी लगाई लेकिन कोई फायदा नहीं मिला। वह भिलाई नगर विधायक तक भी आवेदन लेकर गया लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। थक हार कर वह वैशाली नगर विधायक रिकेश के पास पहुंचा। मुकेश और दीपिका को अब भी यकीन नहीं हो रहा कि इतनी जल्दी छत्तीसगढ़ सरकार का प्रयास रंग लाएगा।

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