
बिलासपुरएक घंटा पहले

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मनमानी कीमत में रेत बेच रहे हैं ठेकेदार।
बिलासपुर में रेत घाट के लिए नए ठेके की तैयारी चल रही है। इसके साथ ही एक बार फिर रेत की कीमत बढ़ाने को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। लेकिन, रेत ठेकेदारों और रेत की कीमतों पर कोई प्रशासनिक नियंत्रण नहीं है। यही वजह है कि ठेकेदार मनमानी कीमत पर निर्माण ठेकेदार और लोगों को मनमानी कीमत पर रेत बेच रहे हैं। यहां सिर्फ लोडिंग के नाम पर रेत कीमतें बढ़ाई जा रही है। स्थिति यह है कि 90 रुपए घट मीटर की रेत को ठेकेदार 8 से 10 हजार रुपए में लोगों को बेच रहे हैं।

कलेक्ट्रेट के खनिज शाखा ने रेत खदानों के आबंटन की नई सूचना जारी कर दी है। इसमें बताया गया है कि तीन घाटों को नीलाम किया जाना है। इसके लिए बंद लिफाफे में बोली आमंत्रित की जाएगी। खनिज विभाग ने लक्षनपुर, अमलडीहा व उदईबंद रेत घाट को ठेके पर देने की तैयारी की है। इन तीन रेत खदानों को ठेके पर पर लेने के लिए 3 से 9 फरवरी तक बोली लगाई जा सकेगी।

रेत घाट के नए ठेके से बढ़ जाएगी रेत की कीमतें।
रेत ठेकेदारों की चलती है मनमानी, इसलिए हाईप्रोफाइल होता है ठेका
दरअसल, रेत के इस कारोबार में मनमानी कमाई है। यही वजह है कि शराब माफियाओं ने इस कारोबार पर सिंडीकेट बना लिया है। जिले के ज्यादातर रेत घाट शराब कारोबारियों के साथ ही नेताओं के चहेतों के पास है। नगर निगम के भवन निर्माण ठेकेदार और दूसरे विभागों में निर्माण कार्य कराने वाले ठेकेदार रेत की मनमानी कीमतों को लेकर परेशान हैं। उनका कहना है कि खनिज विभाग ने ठेकेदारों के लिए रेत घाट में रेत की कीमत तो तय कर दिया है। लेकिन, ठेकेदार घाट से किस दर पर रेत बेच रहे हैं। इससे विभाग को कोई मतलब नहीं है और न ही रेत ठेकेदारों पर प्रशासनिक नियंत्रण हैं। यही वजह है कि मनमानी कीमतों पर रेत बेचने का अवैध कारोबार चल रहा है।
पहले तय था 90 रुपए घन मीटर, नए ठेके में 120 रुपए
अभी से यह दावा किया जा रहा है कि नए घाटों के ठेके के बाद रेत और महंगी हो जाएगी। वह इसलिए क्योंकि नए ठेके में सीलिंग प्राइज की कीमत 90 रुपए से बढ़ाकर 120 रुपए की गई है। यानी 2019 में रेत घाटों का ठेका देते समय प्रति घनमीटर रेत की लोडिंग का चार्ज 90 रुपए था, जिसे बढ़कर 120 रुपए कर दिया गया है।

शासन ने नए ठेके में बढ़ा दी है कीमत।
अभी आठ से दस हजार रुपए है प्रति हाइवा रेत
वर्तमान में रेत की कीमत आठ से दस हजार रुपए प्रति हाइवा है। रेत ठेकेदारों ने यह कीमत अपनी मर्जी से तय किया है। निर्माण कार्य कराने वाले ठेकेदार कमल सिंह ने बताया कि खनिज विभाग ने सीलिंग प्राइज 90 रुपए प्रति घट मीटर तय किया है। लेकिन, रेत घाट में ठेकेदार उनसे 4 हजार 500 रुपए लोडिंग चार्ज ले रहे हैं। ठेकेदार इसकी शिकायत कई बार कलेक्टर सहित अफसरों से कर चुके हैं। लेकिन, उनकी कोई सुनवाई नहीं होती। लिहाजा, उन्हें मजबूरी में मनमाने कीमत पर ठेकेदारों से रेत खरीदना पड़ रहा है।
आम लोगों पर बढ़ेगा बोझ
भवन निर्माण ठेकेदारों का कहना है कि बिलासपुर में रेत कीमत पर कोई प्रशासनिक नियंत्रण नहीं है, जिसके कारण रेत ठेकेदार अपनी मनमर्जी से रेत की कीमत तय करते हैं। उनका कहना है कि महज 4 से 5 हजार रुपए हाइवा में आसानी से लोगों को रेत मिल सकता है। इससे रेत ठेकेदारों को भी फायदा होगा। लेकिन, ठेकेदार अपनी मर्जी से 8 से 10 हजार रुपए हाइवा में रेत बेच रहे हैं, जिस पर लगाम लगाने वाला कोई नहीं है।
ऐसे समझिए रेत की कीमत
शासन ने रेत ठेकेदारों के लिए 90 रुपए प्रति घट मीटर रेट तय किया है। लेकिन, ठेकेदार अपनी मर्जी से रेत की कीमत तय कर बेच रहे हैं। एक हाइवा में 12 घन मीटर रेत लोड होता है। यानी कि एक हजार 80 रुपए की रेत को ठेकेदार 8 से 10 हजार रुपए में बेच रहे हैं। रेत ठेकेदार घाट में लोडिंग के बहाने मनमानी कीमत वसूल करते हैं, जिस पर खनिज विभाग के अधिकारी भी ध्यान नहीं देते।
खनिज अधिकारी जाते हैं, तब बिगड़ जाती है मशीन
नगर निगम और भवन निर्माण ठेकेदार बताते हैं कि खनिज विभाग के अधिकारी रेत घाटों पर ध्यान ही नहीं देते। उनकी तरफ से ठेकेदारों को खुला संरक्षण मिला हुआ है। कलेक्टर के निर्देश पर खनिज अधिकारी जब रेत घाट निरीक्षण के लिए जांच करने पहुंचते हैं, तब सुनियोजित तरीके से मशीन खराब बता दिया जाता है और उस दिन लोडिंग काम बंद कर दिया जाता है, जिससे यह भी पता नहीं चलता कि रेत ठेकेदार कितनी मात्रा में रेत लोड कर रहे हैं और उनकी कीमत क्या है।
