गर्भवतियों का उत्तर प्रदेश में घर में प्रसव, महिला डॉक्टरों से पूछा- भिलाई के अस्पताल में क्यों नहीं ? | Home delivery of pregnant women in Uttar Pradesh, asked female doctors – why not in Bhilai’s hospital?

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भिलाई18 घंटे पहले

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स्वास्थ्य विभाग में इन दिनों उलूल-जुलूल आदेश जारी होने लगे हैं। कागज में डिटैचमेंट और पुन: अटैचमेंट का मामला अभी समाप्त नहीं हुआ था, रविवार को हैरान करने वाला एक और मामला भास्कर के संज्ञान में आया है। सीएमएचओ के पद नाम से भिलाई निगम क्षेत्र के गर्भवतियों की उत्तर प्रदेश में घर में प्रसव के लिए जिले की 3 महिला डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। नोटिस में सभी डॉक्टरों को घर में प्रसव के प्रकरणों की समीक्षा बैठक में उपस्थित नहीं होना बताया गया है, जबकि अब तक तीनों में से किसी एक डॉक्टर को भी न समीक्षा बैठक की सूचना और न ही कारण बताओ नोटिस रिसीव कराई गई है।

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सबसे बड़ी बात यह कि जब प्रकरण में खुर्सीपार के डॉक्टर को नोटिस दिया गया तब के समय गर्भवतियों का पंजीकरण और अस्पतालों में डिलवरी की चार्ज खुर्सीपार पुरुष डॉक्टर संभाल रहे थे। फिलहाल पीजी की पढ़ाई करने वह यहां से चले गए हैं। दूसरी महिला डॉक्टर द्वारा नौकरी छोड़ देने के बाद सिर्फ तीसरी महिला डॉक्टर ओपीडी, आईपीडी अन्य जिम्मेदारियां संभाल रही हैं। इसके बाद भी उन्हें नोटिस जारी किया गया है।

बिल्डिंग सही बता लाइसेंस दिलाया, अब कह रहे गलत खुर्सीपार के आईएमआई अस्पताल को निगम के सहयोग से मिली फॉयर एनओसी, भवन अनुज्ञा, गुमास्ता लाइसेंस आदि के बाद नर्सिंग होम एक्ट का लाइसेंस दिया गया है। 12 जनवरी 2027 तक यह लाइसेंस वैध हैं, इधर वही निगम अस्पताल की बिल्डिंग अवैध बताकर गिराने के लिए नोटिस थमाया है।

13 तक मांगा जवाब, नोटिस ही रिसीव नहीं
डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस क्रमश: 10 व 11 जनवरी को जारी की गई है। इस नोटिस में सीएमएचओ ने समीक्षा बैठक में डॉक्टरों की उपस्थिति नहीं हो पाने को शासकीय कार्यों में उदासीनता बताया है, जबकि 4 दिन बाद भी किसी भी डॉक्टर को नोटिस रिसीव नहीं कराई गई।

डॉक्टरों को नोटिस क्यों दिया पता करवाता हूं

“महिला डॉक्टरों को नोटिस क्यों जारी किया गया। पता करता हूं। किसी भी नर्सिंग होम को क्षेत्रीय निगम से ढेर सारे पेपर लेने होते हैं। लाइसेंस देने आयोजित बैठक में निगम के अफसर शामिल होते हैं।”
-डॉ. जेपी मेश्राम, सीएमएचओ, दुर्ग

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