नैक मूल्यांकन में संभाग के 67 कॉलेजों में से 24 को बी और 17 को सी ग्रेड मिला | Out of 67 colleges in the division, 24 got B and 17 got C grade in NAAC evaluation.

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भिलाई18 घंटे पहले

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दुर्ग संभाग के सात जिलों दुर्ग, बेमेतरा, कवर्धा, राजनांदगांव, बालोद, मोहला- मानपुर- अंबागड़ चौकी और खैरागढ़-गंडई-छुईखदान में 67 शासकीय महाविद्यालय संचालित हैं। इन सभी कॉलेजों का राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) से मूल्यांकन कराया जा रहा है। इन महाविद्यालयों में 15 को खुले अभी 5 साल नहीं हुआ है। वहीं कुछ महाविद्यालय अभी भी स्कूल या फिर किराए के भवन में चल रहे हैं। और कई कारण है, जिसकी वजह से इन्हें मूल्यांकन की पात्रता नहीं है।

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अभी तक जितने महाविद्यालयों का मूल्यांकन किया गया है, उसमें 24 कॉलेजों को बी ग्रेड मिला है तो 17 को सी। अफसरों का कहना है कि नैक मूल्यांकन से कॉलेजों की वास्तविक स्थिति, वहां की अधोसंरचना, उपलब्ध संसाधन, शिक्षकों की स्थिति, सेटअप, छात्रों को मिलने वाली सुविधाएं, खेल का मैदान, एनसीसी और एनएसएस की गतिविधियां समेत अन्य चीजों की जानकारी मिल सकेगी। इसी आधार पर इन संस्थानों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से अनुदान लेने में सहायता मिल सकेगी। हेमचंद यादव विवि के अंतर्गत दुर्ग संभाग से सभी 7 जिले आते हैं‌। यहां शासकीय और निजी दोनों को मिलकर कुल 146 कॉलेज संबद्ध हैं।

इनमें 79 निजी कॉलेजों का हर साल नवीनीकरण के लिए निरीक्षण किया जाता है। इसके अलावा हर तीन साल में ओवर ऑल जांच भी की जाती है। यहां विश्वविद्यालय के परिनियम -28 के तहत प्राध्यापकों की नियुक्ति करनी होती है। 79 निजी कॉलेजों में से 44 ऐसे महाविद्यालय हैं जहां या तो प्राचार्य नहीं हैं या फिर प्राध्यापक। कुछ स्थानों में पर्याप्त अधोसंरचना का भी अभाव है। इस वजह से उन्हें ए ग्रेड नहीं मिल पा रहा है। नैक टीम के मूल्यांकन के चलते ही कई कॉलेजों में सुविधाओं का स्तर लगातार सुधरता भी जा रहा है।

डॉ. तिवारी ने कहा- 27 बिंदुओं पर किया जाता है निरीक्षण
उच्च शिक्षा दुर्ग डिवीजन के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. सुशील तिवारी ने बताया कि उच्च शिक्षण संस्थानों की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गुणवत्ता के मूल्यांकन के लिए सरकारी, स्वशासी, निजी महाविद्यालयों का नैक मूल्यांकन किया जाता है। मूल्यांकन के दौरान शिक्षण संस्थाओं का आंकलन पाठ्यक्रम के पहलू, अध्ययन, अध्यापन तथा मूल्यांकन, शोध नवाचार तथा विस्तार, मूलभूत सुविधाएं, अध्ययन के संसाधन, छात्र सहयोग तथा विकास, संचालन नेतृत्व एवं प्रबंधन, संस्थानिक मूल्य और श्रेष्ठ परंपरा के आधार पर किया जाता है। इसमें कॉलेज प्रबंधन के साथ ही वहां के प्राध्यापकों और विद्यार्थियों के शिक्षा के स्तर को परखा जाता है। इन सभी बिंदुओं पर जांंच परख के बाद ही किसी भी कॉलेज की गेडिंग तय की जाती है।

आने वाले दिनों में 3 कॉलेजों का किया जाएगा मूल्यांकन
आने वाले दिनों में दुर्ग जिले के धमधा, राजनांदगांव जिले के अंबागढ़-चौकी और औंधी स्थित महाविद्यालयों का नैक मूल्यांकन किया जाएगा। तीनों महाविद्यालयों ने नैक की टीम को मूल्यांकन के लिए आमंत्रित किया है। इससे जुड़ी सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली है। उन्हें टीम के आने का इंतजार है। इसी तरह खुले पांच साल नहीं होने और खुद का भवन नहीं होने की वजह से कुई कुकदूर, झलमला, मचांदूर, निकुम, रानीतरई, पेंड्रावन, कुम्हारी, जामुल, रिसाली, आदर्श कॉलेज दुर्ग, गर्ल्स कॉलेज बालोद, बासिन, ठेलकाडीह, परपोड़ी और राजनांदगांव के एक कॉलेज को नैक मूल्यांकन की पात्रता नहीं है। ऐसे कॉलेजों के प्रबंधन के पास व्यवस्थाएं बनाने के लिए अभी पर्याप्त समय है। पांच साल पूरे होने के बाद वहां का भी मूल्यांकन होगा।

राज्य में सिर्फ साइंस कॉलेज को ही ए प्लस की ग्रेडिंग
पूरे छत्तीसगढ़ में दुर्ग का साइंस कॉलेज ही एकमात्र शासकीय महाविद्यालय है, जिसे नैक मूल्यांकन ए प्लस ग्रेड मिला है। पिछले दिनों हुए मूल्यांकन में भी ए प्लस ग्रेड ही मिला। इसके लिए प्राचार्य ने बेंगलुरू जाकर अपना विरोध दर्ज कराया है। साथ ही महाविद्यालय के उन बिंदुओं की ओर नैक ग्रेडिंग कमेटी का ध्यान दिलाया है, जिसमें उसे और अंक मिले हैं। प्राचार्य डॉ. आरएन सिंह ने बताया कि कॉलेज के पुनर्मूल्यांकन के लिए रिव्यू कमेटी बनाई गई है। वह टीम पिछली रिपोर्ट और किए गए दावों का आंकलन करेगी। उम्मीद की जा रही है कि साइंस कॉलेज के ग्रेडिंग में सुधार होगा। प्राचार्य का कहना है कि साइंस कॉलेज ने सारे मापदंडों को बेहतर तरीके से पूरा किया है। ग्रेडिंग ए डबल प्लस चाहिए।

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