काले धुएँ को लेकर होम मिनिस्टर ने लगाई फटकार, दागे कई सवाल, बोले-सात दिन में दीजिए “जवाब”

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🛑 उद्योंगों में कितने प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार दिया गया है? नहीं दिया गया तो क्यों नहीं दिया गया? कितनी फैक्ट्रियों ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए मशीन लगाई हुई है और उनकी स्थिति क्या है? सीएसआर मद से कितने काम कहां-कहां कराया गया?
दुर्ग न्यूज, 18 जनवरी। दुर्ग के रसमड़ा औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण को लेकर गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कलेक्टोरेट में बैठक के दौरान मानक से अधिक औद्योगिक प्रदूषण फैलने को लेकर अधिकारियों और उद्योग संचालकों को जमकर फटकार लगाई है। इस बैठक में कलेक्टर सहित सभी उद्योगों के संचालक, रसमड़ा गांव के पंच, सरपंच सहित सभी अधिकारी मौजूद रहे।
गृहमंत्री ने कलेक्टर दुर्ग सभागार में समीक्षा बैठक के बाद कहा कि रसमड़ा फैक्ट्री बनने के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में वायु प्रदूषण काफी बढ़ गया है। गांव वाले कई वर्षों से इसका विरोध कर रहे हैं। जब वे सांसद थे तब भी उनके सामने यह समस्या आई थी। इसलिए मामले को संज्ञान में लेकर उन्होंने बैठक बुला अधिकारियों को फटकार लगाई है। श्री साहू ने उन्हें सही तरह से कार्य करने और प्रदूषण नियंत्रण की मशीन लगाने के निर्देश पूर्व में दिए थे। उसके बाद से यहां प्रदूषण का स्तर ठीक था।
गृह मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ महीने से फिर से स्थिति पहले से भी अधिक खराब हो गई और विरोध में रसमड़ा के सरपंच और पंचों ने गांव वालों की मदद से वहां चक्का जाम करके विरोध किया हालांकि गांव वालों ने धरना प्रदर्शन की पहले से सूचना नहीं दी थी, जो कि गलत है, लेकिन उनकी मांग सही थी। उन्होंने तत्काल कलेक्टर को स्थिति सही करने के निर्देश दिए थे। इसी समस्या का निराकरण करने के लिए आज बैठक बुलाई गई थी।
बैठक में गृह मंत्री ने प्रदूषण विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों से जानकारी मांगी कि रसमड़ा में संचालित उद्योंगों में कितने प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार दिया गया है? नहीं दिया गया तो क्यों नहीं दिया गया? इसके साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी मांगी की कितनी फैक्ट्रियों ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए मशीन लगाई हुई है और उनकी स्थिति क्या है? कंपनियों के द्वारा सीएसआर मद से कितने काम कहां-कहां कराया गया? सीएसआईडीसी इंक्रोचमेंट की रोड क्यों नहीं बना रहा है? कोई कारण है तो फिलहाल फिलिंग का काम कराया जाए। उन्होंने कलेक्टर को निर्देशित किया है कि 1 सप्ताह के अंदर उन्हें पूरी रिपोर्ट चाहिए। इसके 15 दिन के बाद फिर से बैठक बुलाई जाएगी।

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