
दुर्ग2 घंटे पहले

- कॉपी लिंक

अधिकारियों की बैठक लेते गृहमंत्री
दुर्ग के रसमड़ा औद्योगिक क्षेत्र में बेतहाशा औद्योगिक प्रदूषण को लेकर गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में बैठक बुलाई। बैठक में कलेक्टर सहित सभी उद्योगों के संचालक, सरमड़ा गांव के पंच सरपंच और सभी अधिकारी मौजूद रहे। इसमें गृहमंत्री ने मानक से अधिक औद्योगिक प्रदूषण फैलने को लेकर अधिकारियों और उद्योग संचालकों को जमकर फटकार लगाई।

कलेक्टर दुर्ग सभागार में समीक्षा बैठक के बाद गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने मीडिया से बात की। उन्होंने बताया कि सरमड़ा फैक्ट्री बनने के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में वायु प्रदूषण काफी बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि गांव वाले कई सालों से इसका विरोध कर रहे हैं। वह जब सांसद थे तब भी उनके सामने यह समस्या आई थी। इस पर उन्होंने संज्ञान लिया था और बैठक बुलाकर अधिकारियों को फटकारते हुए सही तरह से कार्य करने और प्रदूषण नियंत्रण की मशीन लगाने के निर्देश दिए थे।
उसके बाद से यहां प्रदूषण का स्तर ठीक था। पिछले कुछ महीने से फिर से स्थिति पहले से अधिक खराब हो गई थी। इसके विरोध में रसमड़ा के सरपंच और पंचों ने गांववालों की मदद से वहां चक्का जाम करके विरोध किया था। हालांकि गांव वालों ने धरना प्रदर्शन की पहले से सूचना नहीं दी थी, जो कि गलत है, लेकिन उनकी मांग सही थी। इसको लेकर गृहमंत्री ने कलेक्टर को स्थिति सही करने के निर्देश दिए थे। इसी समस्या का निराकरण करने के लिए उन्होंने बैठक बुलाई थी।

बैठक में मौजूद जिले के अधिकारी, फैक्ट्री संचालक और जन प्रतिनिधि
पूछा कितने लोगों को मिला रोजागर और कैसे हो रहा प्रदूषण कम
बैठक में गृहमंत्री ने प्रदूषण विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों से जानकारी मांगी कि सरमड़ा में संचालित उद्योंगों में कितने प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार दिया गया है। नहीं दिया गया तो क्यों नहीं दिया गया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी मांगी की कितनी फैक्ट्रियों ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए मशीन लगाई हुई है और उनकी स्थिति क्या है।

प्रदूषण को लेकर गांव वालों ने किया था चक्काजाम।
15 दिन बाद फिर से होगी मंथन बैठक
गृह मंत्री ने कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा से जानकारी मांगी है। कंपनियों के द्वारा सीएसआर मद से कितने काम कहां-कहां कराया गया। सीएसआईडीसी इंक्रोचमेंट की रोड क्यों नहीं बना रहा है। कोई कारण है तो फिलहाल फिलिंग का काम कराया जाए। उन्होंने कलेक्टर को निर्देशित किया है कि 1 सप्ताह के अंदर उन्हें पूरी रिपोर्ट चाहिए। इसके 15 दिन के बाद फिर से बैठक बुलाई जाएगी।
