धान खरीदी केन्द्रों पर समस्याओं से किसान परेशान, सरकार कर रही झूठे दावे: ताम्रध्वज साहू

Share this

 

धान खरीदी केन्द्रों पर समस्याओं से किसान परेशान, सरकार कर रही झूठे दावे: ताम्रध्वज साहू

धान खरीदी केन्द्र का किया औचक निरीक्षण

दुर्ग। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने धान खरीदी केन्द्रों के समितियो में किसानों को धान खरीदी में होने वाली समस्याओं का जायजा लेने निर्देशित किया है। उसी के तहत प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, दुर्ग शहर के पूर्व विधायक अरुण वोरा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल कोसरे, अध्यक्ष केश शिल्प कल्याण बोर्ड नंदकुमार सेन, उपाध्यक्ष श्रम कल्याण मंडल केशव बंटी हरमुख सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दुर्ग ग्रामीण विधानसभा के ग्राम कोलिहापुरी में धान खरीदी केन्द्र का औचक निरीक्षण किया।

 

पूर्व गृहमंत्री ने बताया कि इस वर्ष किसानों को अपनी उपज को बेचने के लिए अनावश्यक समय लग रहा है। अगर किसान धान बेचने से चूक गए तो पखवाड़े भर का समय लग रहा है। श्री साहू ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए बनाए गए उपार्जन केंद्रों में जबदस्त अव्यवस्था का आरोप लगाया। धान के लिये पर्याप्त मानक बोरों की व्यवस्था नहीं है। किसानों को अपना आधा बोरा देने के लिए कहा जा रहा है। सरकार पिछले 14 नवंबर से किसानों से धान खरीद रही है, जिसमें किसानों से एक बोरी में 40 किलो के मान से धान खरीदना है बरदाना का अलग से वजन 700 ग्राम निर्धारित किया गया है, दोनों को मिलाकर 40.700 किलो धान लेना है। खरीदी केंद्रों में गाइड लाइन का पालन हो रहा है या नहीं? वस्तु स्थिति का जायजा लिया गया। कांग्रेसजनों ने पाया कि हर खरीदी केन्द्र में खरीदा हुआ धान अलग अलग वजन का मिला। कहीं 41.500 kg तो कहीं 41. 300kg इसी तरह से हर खरीदी केन्द्र में अलग अलग वजन पाया गया किसी भी केंद्र में 41किलो से नीचे नहीं पाया गया।

READ MORE  छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोसिएशन के कांतिलाल बोथरा बने न‌ए प्रदेश अध्यक्ष  

 

धान की मिलिंग करने राइस मिलर नाराज

 

उन्होंने कहा कि धान मिलिंग के लिए कांग्रेस सरकार ने प्रति क्विंटल 120 रुपए देने का निर्णय लिया था, जिसका परिणाम यह हुआ था कि प्रदेशभर में 700 नई राइस मिलें खुली थीं। अब सरकार ने मिलर के लिए 120 रुपए को घटाकर 60 रुपए कर दिया है। इस कारण राइस मिलर हड़ताल पर थे। धान सोसायटी में जाम है। मिलरों को 120 की जगह 60 रुपए देने के फ़ैसले के बाद विभिन्न ज़िलों में राइस मिलर एसोसिएशन धान की मिलिंग करने में असमर्थता व्यक्त कर रहे हैं।

 

जारी नहीं हो रहा टोकन

 

पूर्व गृहमंत्री श्री साहू ने कहा कि धान खरीदी केंद्रों में टोकन नहीं जारी किया जा रहा है। किसान घंटों खड़े रहते हैं। आनलाइन टोकन सिस्टम के कारण किसानों को 15 दिन बाद का भी टोकन नहीं मिल रहा है। धान की कीमत का भुगतान 3217 रुपए प्रति क्विन्टल होना चाहिए। 3100 रुपए देने का भाजपा ने चुनावी वायदा किया था। केन्द्र सरकार ने धान का समर्थन मूल्य 117 रुपए बढ़ा दिया है। इस कारण इस वर्ष धान की खरीदी 3100 रुपए से बढ़ाकर 3217 रुपए किया जाए। कांग्रेस के समय भी कांग्रेस ने धान का समर्थन मूल्य 2500 देने का वादा किया था, लेकिन समर्थन मूल्य बढ़ने पर कांग्रेस ने 2640 रुपए में धान खरीदा था। भाजपा द्वारा किसानों को एकमुश्त भुगतान का वादा किया गया था पर वर्तमान में केवल 2300 की दर से भुगतान किया जा रहा है, बारदाना का मानक वजन 640 ग्राम बताया जा रहा है मौके में बोरे का वजन केवल 540 ग्राम था बोरा भी अमानक है जिसका भुगतान भी किसानों को ज्यादा धन दे कर चुकाना पड़ रहा है।

READ MORE  Big News : GST के जॉइंट कमिश्नर सस्पेंड, व्यवसायी को प्रताड़ित करने का आरोप

 

इस अवसर पर अध्यक्ष जनपद पंचायत दुर्ग देवेंद्र देशमुख, ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप चंद्राकर, पूर्व साडा उपाध्यक्ष बृज मोहन सिंह, अध्यक्ष सहकारिता प्रकोष्ठ रिवेंद्र यादव, जगदीश साहू, जनपद सदस्य टिकेश्वरी लाल देशमुख, सरपंच ज्वाला प्रसाद देशमुख, देवधर साहू सहित कांग्रेस के कार्यकर्त्ता उपस्थित थे।

Share this