रायगढ़ में कोचिंग टर्मिनल नामंजूर, गोंडवाना एक्सप्रेस का दिल्ली में और जनशताब्दी का मेंटेनेंस गोंदिया में

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दुर्ग न्यूज, 24 जनवरी। रायगढ़ में कोचिंग टर्मिनल को रेलवे बोर्ड ने नामंजूर कर दिया है। इस वजह से रायगढ़-निजामुद्दीन-रा यगढ़ गोंडवाना एक्सप्रेस का मेंटेनेंस निजामुद्दीन कोचिंग डिपो में और रायगढ़-गाेंदिया-रायगढ़ जनशताब्दी एक्सप्रेस का मेंटेनेंस गोंदिया कोचिंग डिपाे में किया जाता है। इसी तरह से कोरबा में भी कोचिंग टर्मिनल बन पाना मुश्किल है इसलिए वहां से भविष्य में ट्रेनों की संख्या बढ़ने की संभावना कम है। बिलासपुर रेलवे जोन का रायगढ़ और कोरबा स्टेशन ऐसे हैं जहां से ज्यादा से ज्यादा यात्री ट्रेनों को शुरू करने की डिमांड हो रही है लेकिन उनकी यह डिमांड कोचिंग टर्मिनल नहीं होने की वजह से मंजूर नहीं हो पा रही है। कोचिंग टर्मिनल के लिए रेलवे बोर्ड ने जो नियम तय किए हैं उसके मुताबिक कोचिंग टर्मिनल वहां होंगे जहां पर 500 से अधिक कोच होंगे। रायगढ़ में कोचिंग टर्मिनल के लिए एसईसीआर द्वारा वर्ष 2013-14 से लेकर 2019-2020 तक प्रस्ताव रेलवे बोर्ड भेजा गया था लेकिन रेलवे बोर्ड ने इसे नामंजूर कर दिया है। बोर्ड ने यह स्पष्ट किया है कि कम दूरी के कोचिंग डिपो को समाहित कर दिया जाए। ऐसे में बिलासपुर से रायगढ़ की दूरी 133 किलोमीटर और रायगढ़ से संबलपुर की दूरी 122 किलोमीटर है।

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2020 में रेलवे बोर्ड ने जारी किया था आदेश

रेलवे बोर्ड ने 11 नवंबर 2020 को एक आदेश जारी किया था जिसमें यह स्पष्ट किया था कि जिस कोचिंग डिपो में कोच होल्डिंग 250 से कम है उन सभी को दूसरे कोचिंग डिपो में समाहित करना है। इसके अलावा जहां 500 कोच होल्डिंग होंगे वहां पर नया कोचिंग डिपो स्थापित किए जाएंगे। रायगढ़ से सिर्फ दो ही ट्रेन शुरू होती है। गोंडवाना और जनशताब्दी एक्सप्रेस। दो ही ट्रेनें होने की वजह से कोचिंग टर्मिनल संभव नहीं है इसलिए सिर्फ पानी भरने और ट्रेन की सफाई करने मात्र की सुविधा वहां पर है। कोरबा से प्रतिदिन लिंक एक्सप्रेस, हसदेव एक्सप्रेस, वैनगंगा एक्सप्रेस, त्रिवेंद्रम एक्सप्रेस और कुछ पैसेंजर ट्रेनें चलती हैं जिनमें सफाई व पानी वहां भरा जाता है।

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