


० भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी
दुर्ग। आर्ट ऑफ लिविंग परिवार द्वारा आयोजित सोमनाथ ज्योतिर्लिंग दर्शन कार्यक्रम से शिवमय होगा दुर्ग शहर। हर-हर महादेव के जयकारे से गूंज उठेगा आकाश। यह भव्य आयोजन 23 अप्रैल को शाम 6 बजे से राधाकृष्ण मंदिर परिसर ( डोम शेड ) महेश कालोनी पुलगांव में होगा। सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के अंश का रुद्राभिषेक, रुद्र पूजा एवं सत्संग भी होगा।

आर्ट ऑफ लिविंग दुर्ग परिवार द्वारा इस आयोजन के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन में बेंगलुरु से आए स्वामी प्रणवानंद और पंडित विधि-विधान से पूजन करेंगे। सभी भक्तों और श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में उपस्थित होकर आध्यात्मिक लाभ लेने का आव्हान किया गया है। कार्यक्रम स्थल पर प्रसाद की व्यवस्था भी रहेगी।
कहां से आए सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के अंश !
आध्यात्मिक गुरु एवं आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने बताया कि उन्हें यह दुर्लभ और दिव्य ज्योतिर्लिंग बीते जनवरी में प्राप्त हुए। जिन्हें दर्शन के लिए पूरे देश में भेजा जा रहा है। उनके अनुसार 11 वीं सदी में विदेशी आक्रमणकारी महमूद गजनी ने देश के प्रथम सोमनाथ ज्योतिर्लिंग को खंडित कर दिया था। उसके बाद से यह खंडित अंश कुछ अग्निहोत्री लोगों के पास थे। उन्होंने इन्हें शिव लिंग का आकार दिया और श्रद्धा से पूजन करते रहे। करीब सौ साल पहले इन परिवारों को दक्षिण के शंकराचार्य ने कहा था कि अभी शिवलिंग को सुरक्षित रखें। भारत की आजादी के बाद इसे दक्षिण में एक संत को सौंप देना जिसके नाम में शंकर हो। शंकराचार्य के कहे अनुरूप वे यह ज्योतिर्लिंग उन्हें सौंप गए हैं।
श्री श्री के अनुसार शिव लिंग के इन अंशों में जबरदस्त ऊर्जा है। वैज्ञानिकों ने भी अपने शोध में इसे विलक्षण और दूसरी दुनिया का बताया है।
