तमिलनाडु की सियासत में बड़ा बदलाव ? थलापति विजय की एंट्री से बढ़ी हलचल

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इलेक्शन डेस्क। तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर सिनेमा से जुड़े सितारे की एंट्री ने माहौल गरमा दिया है। अभिनेता विजय, जिन्हें फैंस “थलापति” के नाम से जानते हैं, अब सक्रिय राजनीति में उतरकर राज्य की सियासी तस्वीर बदलने की कोशिश में हैं।

विजय की राजनीति में एंट्री ने तमिलनाडु की सियासत को एक बार फिर “स्टार पॉलिटिक्स” के दौर में ला खड़ा किया है। लेकिन क्या वे सच में सत्ता के नए केंद्र बन पाएंगे या नहीं—इस पर अभी सभी की नजरें टिकी हैं।

द्रविड़ राजनीति के दबदबे को चुनौती ?

राज्य में दशकों से द्रविड़ राजनीति का वर्चस्व रहा है, जिसमें एमजी. रामचंद्रन, जे. जयललिता और एम. करुणानिधि जैसे दिग्गज नेताओं ने सत्ता की कमान संभाली।

लेकिन अब इन दिग्गजों के बाद पैदा हुए खालीपन में विजय की एंट्री को एक बड़े राजनीतिक बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है।

फिल्मी स्टारडम से राजनीतिक मैदान तक

विजय ने बाल कलाकार से लेकर तमिल सिनेमा के सुपरस्टार तक का लंबा सफर तय किया है। उनकी लोकप्रियता खासकर युवाओं में बेहद मजबूत मानी जाती है।

फिल्मों में सामाजिक मुद्दों को उठाने और “जनता के हीरो” की छवि ने उन्हें राजनीति के लिए पहले से ही एक मजबूत आधार दे दिया है।

नई पार्टी और बड़ा दांव

2024 में उन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) की घोषणा की और सक्रिय राजनीति में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने फिल्मों से दूरी बनाने का भी संकेत दिया।

उनकी पहली बड़ी राजनीतिक रैली में लाखों की भीड़ जुटी, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल और बढ़ा दी है।

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असली चुनौती अभी बाकी

हालांकि विजय के पास स्टार पावर और फैन फॉलोइंग है, लेकिन तमिलनाडु की राजनीति में जीत सिर्फ लोकप्रियता से तय नहीं होती। संगठन, ग्राउंड नेटवर्क और गठबंधन राजनीति यहां निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

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