सुरक्षित एवं स्वस्थ कार्य वातावरण सुनिश्चित करने पर जोर

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०औद्योगिक दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने सुरक्षा उपायों की समीक्षा

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० कार्यस्थलों पर संभावित जोखिमों की पहचान कर उनका समयबद्ध निराकरण करने के दिए निर्देश

दुर्ग। जिले में विगत वर्षों में हुई गंभीर एवं खतरनाक औद्योगिक दुर्घटनाओं की समीक्षा तथा भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और कार्यस्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से भिलाई इस्पात संयंत्र में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संचालक मनीष श्रीवास्तव ने की।
बैठक में भिलाई इस्पात संयंत्र सहित जिले के विभिन्न बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों के सुरक्षा अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर उप संचालक मनीष कुंजाम एवं सहायक संचालक दिव्यांश सिन्हा व पीयूष वर्मा भी उपस्थित रहे। बैठक में जिले में विगत 10 वर्षों में घटित गंभीर एवं खतरनाक औद्योगिक दुर्घटनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। दुर्घटनाओं के कारणों, परिस्थितियों, कार्य-पद्धतियों तथा दुर्घटनाओं के दौरान सामने आई सुरक्षा संबंधी कमियों एवं खामियों का विश्लेषण किया गया।
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संचालक द्वारा निर्देशित किया गया कि पूर्व में घटित दुर्घटनाओं की केस स्टडी तैयार कर उनसे प्राप्त सीख को कारखानों की वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था में शामिल किया जाए। दुर्घटनाओं के मूल कारणों का विश्लेषण करते हुए आवश्यक निवारक एवं सुधारात्मक उपायों को प्रभावी रूप से लागू किया जाए।

बैठक में खतरनाक एवं जोखिमपूर्ण कार्यों के लिए कार्य-विशिष्ट एसओपी (Standard Operating Procedure) तैयार करने तथा संबंधित श्रमिकों को कार्य की प्रकृति एवं जोखिम के अनुरूप प्रशिक्षण देने पर विशेष जोर दिया गया। नियमित सुरक्षा एवं रिफ्रेशर प्रशिक्षण आयोजित करने तथा कार्यस्थल पर निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा उपायों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। संचालक द्वारा स्पष्ट किया गया कि किसी भी खतरनाक कार्य को निर्धारित सुरक्षित कार्य-विधि के बिना नहीं कराया जाए। कार्य प्रारंभ करने से पूर्व जोखिम मूल्यांकन, सुरक्षित कार्य-विधि, आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था तथा श्रमिकों की दक्षता एवं प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए। सभी कारखाना प्रबंधनों एवं सुरक्षा अधिकारियों को लागू अधिनियमों एवं नियमों के सुरक्षा प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने तथा कार्यस्थलों पर संभावित जोखिमों की पहचान कर उनका समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दिए गए। बैठक का उद्देश्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षित कार्य संस्कृति को सुदृढ़ करना, दुर्घटनाओं के मूल कारणों का विश्लेषण करना तथा दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकते हुए श्रमिकों के लिए सुरक्षित एवं स्वस्थ कार्य वातावरण सुनिश्चित करना रहा।

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