गीदम मेडिकल कॉलेज, मां दंतेश्वरी के नाम पर होगा : भूपेश बघेल

Share this

http://durgnews.in/wp-content/uploads/2026/07/SR-Hospital-2.jpeg

गीदम को नए राजस्व अनुभाग का दर्जा देने की घोषणा

http://durgnews.in/wp-content/uploads/2026/07/SR-Hospital-1.jpeg

दंतेवाड़ा,10 मार्च। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दंतेवाड़ा में आयोजित फागुन मड़ई में शामिल होने आए। वे पहली बार देवी-देवताओं के इस बिदाई समारोह में आए। इस अवसर पर गीदम में खुलने वाले मेडिकल कॉलेज का नामकरण मां दंतेश्वरी के नाम पर करने, गीदम को राजस्व अनुभाग तथा शंखनी-डंकनी नदी पर पर्यटन की द्रष्टि से रिवर फ्रंट व्यू बनाने की घोषणाएं की।
मुख्यमंत्री ने ओड़ीशा, तेलंगाना सहित बस्तर के 851 देवी, देवताओं की बिदाई को अदभुत बताया। उन्होंने कहा कि बस्तर की संस्कृति के कई रंग हैं, बस्तर के दशहरा के समान दंतेवाड़ा की फागुन मड़ई भी पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। मां दंतेश्वरी के आंगन में होली खेलने के लिए क्षेत्र के सैकड़ों देवी-देवता आते हैं। हमारे यहां की आदिवासी परंपराओं के पीछे जो भाव, दर्शन और कथाएं हैं, उसे जाने-समझे बिना छत्तीसगढ़ की संस्कृति को नहीं पहचाना जा सकता।
सरकार ने अपनी गौरवशाली और अनूठी परंपराओं और तीज-त्यौहारों को सहेजने का काम किया है। गांव-गांव में स्थित देवगुड़ियों के संरक्षण का काम भी इसी उद्देश्य से शुरू किया है। आदिवासी परंपराओं को आगे बढ़ाने वाले पुजारी, बैगा, गुनिया, मांझी, हाट पहरिया, बजा मोहरिया को राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना में शामिल करते हुए उनके लिए 7 हजार रुपए वार्षिक सहायता की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार के बजट में कोटवारों, गांव के पटेलों, मध्यान्ह भोजन तैयार करने वाले रसोइयों, स्कूलों के स्वच्छता कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं- सहायिकाओं, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों और होमगार्ड के जवानों के मानदेय में वृद्धि का प्रावधान किया गया है। राम वन गमन पर्यटन परिपथ परियोजना के जरिये छत्तीसगढ़ में भगवान राम से जुड़ी ऐसी ही स्मृतियों को सहेजा जा रहा है। राज्य सरकार ने इस साल के बजट में भी छत्तीसगढ़ के तीज त्यौहारों और परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए ‘मुख्यमंत्री आदिवासी परब सम्मान निधि योजना’ की घोषणा की है।
राज्य के आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए विश्वास, विकास और सुरक्षा की नीति अपनाई है। बस्तर को पहले नक्सली घटनाओं के लिए जाना जाता था, आज बस्तर की पहचान दंतेवाड़ा का डेनेक्स, जगदलपुर का काजू और कॉफी, नारायणपुर की फूल झाड़ू, कोंडागांव का तिखुर और कांकेर के मिलेट्स कारखाने से होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल के बजट में प्रदेश में चार नये मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की गई है, इनमें से एक मेडिकल कॉलेज गीदम में खोला जाएगा। मेडिकल कालेज के स्थापना से अंचल में चिकित्सकों की कमी दूर होगी और यहां के बच्चे अध्ययन कर यहीं अपनी सेवाएं देंगे।

READ MORE  पहले सामने अड़ाई कार, पीछे से हमलावरों ने की ताबड़तोड़ फायरिंग, प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई 5 मिनट की दहशतगर्दी | Eyewitness told 5 minutes of dashatgardi, said - obstinate car in front, assailants fired fast from behind

इस कार्यक्रम में विभिन्न जगहों से पहुँचे देवी-देवताओं के आशीर्वाद से बस्तर उन्नति की राह पर चलेगा। कार्यक्रम को उद्योग मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा, सांसद दीपक बैज, विधायक श्रीमती देवती कर्मा ने भी सम्बोधित किया।

Share this