
रायपुर13 मिनट पहले

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एक्टर भगवान तिवारी छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के रहने वाले हैं।
बॉलीवुड एक्टर भगवान तिवारी मंगलवार को रायपुर में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के छात्रों से रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों को याद किया। बताया कि मुझे 15 साल तक काम ही नहीं मिला। मेरा जीवन संघर्ष से भरा रहा। खास बात ये है कि भगवान छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के सूरजगढ़ गांव के रहने वाले हैं.

यहां पहुंचे भगवान तिवारी का जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. शाहिद अली ने स्वागत किया। इसके बाद भगवान ने छात्रों से बात की। बातचीत में उन्होंने बताया कि जब तक व्यक्ति संघर्ष ना करे, तब तक उसे मुकाम हासिल नहीं होता | उन्होंने बताया कि वह लगभग 15 वर्षों तक उन्हें दिल्ली और मुंबई में काम नहीं मिला। उन्होंने छोटे नाटक एवं रंगमंच में काम कर अपना दिन बिताया था। आखिरकार काफी मेहनत के बाद पहली बार उन्हें 2004 में बड़े पर्दे पर ब्रेक मिला था।

डॉ. शाहिद अली ने भी छात्रों को संबोधित किया।
इन फिल्मों में आ चुके हैं नजर
इसके बाद से भगवान का बेहतरीन सफर जारी है। वो अब तक बॉलीवुड की कई बड़ी फिल्में जैसे मसान, रईस, चमन बहार, कबाड़ा द कॉइन जैसे कई फिल्में नजर आ चुके हैं। इसके अलावा तिवारी साउथ इंडियन फिल्मों में भी विलेन के रूप में नजर आ चुके हैं |
वहीं डॉ.शाहिद अली ने इस अवसर पर कहा कि फिल्में हर एक समय में दर्शकों को रोमांचित करती हैं, लेकिन इसके पीछे जो कलाकार होते हैं ,उनके जीवन संघर्षों से प्रेरणा लेना चाहिए | फिल्में संचार का हमेशा से सशक्त माध्यम रहीं हैं। सामाजिक घटनाएं फिल्मों की कहानी का प्रमुख हिस्सा होती हैं।
