ध्वनि प्रदूषण की हो प्रभावी रोकथाम, मुख्य सचिव ने राज्य के सभी कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को ध्वनि प्रदूषण करने वालों पर त्वरित कार्यवाही करने के दिये निर्देश

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दुर्ग न्यूज, 4 अक्टूबर। मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने आज रायपुर मंत्रालय महानदी भवन में माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ द्वारा जनहित में ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम संबंध में पारित आदेश के पालन में अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक ली। बैठक में डीजीेपी अशोक जुनेजा मौजूद थे।

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बैठक में अधिकारियों को ध्वनि प्रदूषण के रोकथाम के लिए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये।

बैठक में वाहनों में तेज आवाज में बजाने वाले डीजे और एम्पलीफायर्स पर त्वरित आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये।

 

मुख्य सचिव ने कहा है कि ध्वनि प्रदूषण अधिनियम का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्यवाही की जायें। मुख्य सचिव ने राज्य के सभी कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को जनहित में ध्वनि प्रदूषण करने वालों पर नियमानुसार त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिये हैं। मुख्य सचिव ने ध्वनि प्रदूषण की प्रभावी रोकथाम के लिए सभी जिलों में लगातार मॉनिटरिंग के निर्देश अधिकारियों को दिये।

 

ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के लिए रात्रि 10 बजे के बाद से सुबह 6 बजे तक डीजे बजाना पूर्णतः प्रतिबंधित हो यह सुनिश्चित होना चाहिए। ध्वनि प्रदूषण करने वाले वाहनों और ध्वनि विस्तारक यंत्रों को जब्त किया जाये। इस संबंध में सभी जिलों में पुलिस, राजस्व और पर्यावरण विभाग की टीम गठित कर ध्वनि प्रदूषण को रोकने समन्वय से कार्यवाही की जाये। उन्होंने स्कूलों, कॉलेजो और अस्पतालों के आस-पास ध्वनि प्रदूषण करने वालों पर सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिये हैं। वीडियों कॉन्फ्रेंस से आयोजित इस बैठक में गृह विभाग के सचिव अरूण देव गौतम, नगरीय प्रशासन विभाग के विशेष सचिव अयाज तम्बोली, आवास एवं पर्यावरण के विशेष सचिव महादेव कावरे और छत्तीसगढ़ पर्यावरण मंडल, विधि और विधायी विभाग के अधिकारी सहित सभी संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक शामिल हुये।

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