गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM)7 घंटे पहले
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वर्तमान में SIAM के कार्यकारी निदेशक हैं प्रशांत बनर्जी।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले के रहने वाले प्रशांत बनर्जी को ब्राजील सरकार ने सम्मानित किया है, जिससे पूरे प्रदेश का नाम रोशन हुआ है। उन्हें ”ऑर्डर ऑफ डे रियो ब्रांको” सम्मान से नवाजा गया है। यह सम्मान भारत सरकार के पद्मश्री के बराबर माना जाता है।
भारत-ब्राजील ऊर्जा समझौते के तहत आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना में आयातित ईंधन की खपत को कम करने के उद्देश्य से वैश्विक जलवायु नियंत्रण, क्षेत्रीय वायु प्रदूषण रोकने और किसानों की आय दोगुनी करने की प्राथमिकता को लेकर किए जा रहे प्रयासों में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें सम्मानित किया गया है।
प्रशांत बनर्जी पेंड्रा के प्रसिद्ध होम्योपैथी चिकित्सक और समाजसेवी रहे डॉ प्रणव कुमार बनर्जी के बेटे हैं। उन्होंने गन्ने से उत्पादित एथनॉल को पेट्रोल गाड़ियों में 20% तक मिलाकर देश सेवा और अंतरराष्ट्रीय संबंधों खासकर ब्राजील के साथ अद्वितीय कार्य करने के लिए ”ऑर्डर ऑफ डे रियो ब्रांको” सम्मान से नवाजा गया है।

प्रशांत बनर्जी को सम्मान।
भारत के पद्मश्री सम्मान के स्तर का यह सम्मान ब्राजील की संसद के अनुमोदन के बाद ब्राजील के राष्ट्रपति की ओर से भारत में ब्राजील के राजदूत आंद्रे कोरिया डे लागो के हाथों दिल्ली में प्रदान किया गया। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट से देश का प्रति वर्ष 40 हजार करोड़ रुपयों का क्रूड आयात कम होगा, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।

”ऑर्डर ऑफ डे रियो ब्रांको” सम्मान।
प्रशांत बनर्जी के बारे में जानें
प्रशांत बनर्जी वर्तमान में सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के कार्यकारी निदेशक हैं। पेंड्रा के विद्यानगर निवासी प्रशांत बनर्जी बचपन से ही प्रतिभाशाली रहे हैं। उनकी प्राथमिक से लेकर हायर सेकेंडरी तक की शिक्षा पेंड्रा के विद्यानगर में ही हुई है। प्रसिद्ध होम्योपैथिक चिकित्सक दिवंगत डॉक्टर प्रणव कुमार बनर्जी के तीन बेटे प्रतिभू बनर्जी, प्रशांत बनर्जी और भास्कर बनर्जी हैं। बहुद्देशीय उच्चतर माध्यमिक शाला पेंड्रा में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले प्रशांत एक श्रेष्ठ हॉकी खिलाड़ी होने के साथ-साथ एनसीसी के सीएचएम भी रहे। सहज, सरल स्वभाव के प्रशांत की उपलब्धि से पेंड्रा के लोग खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
