

बेटी का मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराने लिया था 18 लाख रुपए

रकम नहीं लौटाने पर पीड़ित पक्ष ने किया न्यायालय का रुख
दुर्ग न्यूज़, 11 मार्च। भिलाई नगर निगम के प्रथम कार्यकाल में एल्डरमैन बने डा. दीपक क्लाडियस और उसकी पत्नी भिलाई महिला महाविद्यालय की प्राध्यापक प्रतिभा छाया क्लाडियस के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। सेक्टर-सात निवासी महिला और उनके बेटे ने आरोपितों के खिलाफ न्यायालय में याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी का आदेश दिया। भिलाई नगर पुलिस अपराध क्रमांक 134/ 2024 धारा 420,34 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले की विवेचना कर रही है।
पीड़ित मां-बेटे ने न्यायालय में जानकारी दी कि आरोपितों ने उन्हें बताया था कि उनकी बेटी का विदेश के मेडिकल कालेज में एडमिशन फीस के लिए आरोपितों ने पीड़ितों से 18 लाख रुपये उधार लिये थे। रुपये लौटाने की मांग पर आरोपितों ने तीन चेक दिए जो बाउंस हो गए। वहीं आरोपितों ने ग्राम गुरुर में अपनी जमीन बताकर उसका – आम मुख्तियारनामा दिया, लेकिन पता चला कि वह जमीन भी किसी और के नाम पर है। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तब उन्होंने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा के तहत प्राथमिकी का आदेश दिया है।
पुलिस ने बताया कि सेक्टर-7 निवासी शिकायतकर्ता भगवती तिवारी और उसके बेटे विवेक तिवारी की शिकायत पर भिलाई निगम के पूर्व एल्डरमैन डा. दीपक क्लाडियस और उसकी पत्नी प्रतिभा छाया क्लाडियस के खिलाफ प्राथमिकी की गई है।
पुलिस ने बताया कि पीड़ित और आरोपित दंपती पहले से परिचित हैं। आरोपितों ने उन्हें कहा था कि उनकी बेटी अनन्या क्लाडियस विदेश के मेडिकल कालेज में प्रवेश के लिए रुपयों की जरूरत है। आरोपितों ने उन्हें यह भी विश्वास दिलाया कि वे लोग एक साल के भीतर पूरे रुपये वापस कर देंगे और यदि रुपये नहीं लौटा पाते तो ग्राम गुरुर में उनकी 1.30 एकड़ जमीन है, जिसे वे उन्हें दे देंगे। आरोपितों की बातों पर विश्वास कर के पीड़ितों ने चार अप्रैल 2014 को पहले 8 लाख और 15 अक्टूबर 2015 को 10 लाख रुपये दिया था। जब पीड़ितों ने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपितों ने उन्हें अपने खाते के तीन चेक दिए। साथ ही अपनी जमीन का इकरारनामा और मुख्तियारनामा पीड़ितों को दिया।
रकम वापस कर देने हेतु परिवादीगणों के साथ इकरारारनामा निष्पादित किया गया था जो कि झूठा साबित हुआ। आरोपितों ने लिखित में दिया कि यदि दो माह के भीतर रकम वापस नहीं किया तो मेरे विरूद्ध एफआईआर भी दर्ज की जा सकेगी। इस तरीके से इकरारनामा निष्पादित कर नियम और कानून को ताकत पर रखकर धोखाधड़ी की घटना को अंजाम दिया। आरोपी दीपक क्लाडियस अपने आपको पेशे से डाक्टर बताता है तथा श्रीमती प्रतिमा छाया क्लाडियस भिलाई महिला महाविद्यालय हुडको भिलाई में व्याख्याता के पद पर पदस्थ है। इस दंपति द्वारा पूर्व में भी अपने बच्चे को मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने के नाम पर भारतभूषण शर्मा एवं श्रीमती कल्पना शर्मा जो कि भिलाई सेक्टर 9 हास्पिटल में कार्यरत रही हैं से भी कुल 13 लाख रूपये लिए हैं। उक्त संबंध में भारत भूषण शर्मा द्वारा शिकायत प्रस्तुत की गई है जो कि वर्तमान में जांच हेतु लंबित है। एक अन्य प्रकरण में श्रीमती सुधा राव जो कि भिलाई महिला महाविद्यालय में प्राचार्या के रूप में पदस्थ थी। उनसे भी रकम वसूला। जिसकी शिकायत श्रीमती सुधा राव द्वारा आईजी कार्यालय में देने के पश्चात समझौता के रूप में श्रीमती सुधा राव को 9 लाख रूपये प्रदान किए। इसी प्रकार क्लाडियस दंपति द्वारा श्रीमती गीता कतलम पति स्व. बृजलाल कतलम निवासी अनुटोला तह. डोंगरगाव जिला राजनादगांव से भी 35 लाख रूपये घोखाधड़ी कर रकम उगाही किये हैं जिसकी शिकायत होने पर मामले को शांत करने के उद्देश्य से दिनांक 14.06.2022 को 10 लाख रूपये का भुगतान कर शेष रकम 2 माह के अंदर अदा करने का वचन दिये थे।
ये जानकारी लगने के बाद पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली, जहां से आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी करने का आदेश दिया गया है।
