
राजनांदगांव16 घंटे पहले

जब मोहब्बत हो तो सात समंदर पार की दूरी भी छोटी पड़ जाती है। जी हां..ऐसे ही कुछ हुआ है छत्तीसगढ़ में, यहां का एक युवक सात समंदर पार फिलीपींस से अपनी दुल्हनिया ले आया। इसके बाद उसने धूमधाम से उससे शादी की है। जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है। हर कोई इस शादी की तारीफ कर रहा है। कई लोग इस शादी के गवाह बने। दूल्हा-दुल्हन ने भी गले लगाकर एक दूसरे के साथ जमकर डांस किया।


दोनों ने साथ में जमकर डांस किया।
दरअसल, राजनांदगांव के रहने वाले भावेश गायकवाड़ ने शुरुआती शिक्षा राजनांदगांव से ही ली है। उनके माता-पिता अभी यहीं रहते है। शुरुआती पढ़ाई के बाद वह कतर पढ़ाई के लिए चले गए थे। इसके बाद उन्हें आगे की पढा़ई के लिए तुर्की जाना था। यहां पढ़ाई के दौरान ही भावेश ने एक कंपनी में काम करना शुरू किया था।

शादी के बाद भावेश और उनकी पत्नी।
5 साल बाद शादी का फैसला
भावेश ने बताया कि कंपनी में ही उनकी मुलाकात फिलीपिंस की जेझल से हुई थी। मुलाकात के बाद दोस्ती हो गई। बाद में यही दोस्ती प्यार में बदल गई। ये सब कुछ 5 साल पहले हुआ। हम काफी खुश थे। इसलिए हमने शादी करने का फैसला लिया। अब रिलेशनशिप के 5 साल बाद हम शादी कर रहे हैं।

सबके सामने भावेश ने अपनी पत्नी को प्रपोज किया।
भावेश ने बताया हम कब इतने नजदीक आ गए। हमें पता ही नहीं चला। मैं फिलीपींस भी गया हूं। वहां मैं एक महीने तक रहा था। हां पेरेंट्स को दूसरे देश की लड़की से शादी करना थोड़ा अजीब लगता है, पर मेरे घर वाले मान गए और खुश हैं।

हल्दी की रस्म के दौरान जेझल काफी खुश नजर आईं।
दोनों ने साथ किया डांस
भावेश और जेझल ने 14 जनवरी को धूमधाम से शादी की है। शादी में बड़ी संख्या में मेहमान पहुंचे थे। लोगों ने इस शादी को काफी इंंजॉय किया। दूल्हा-दुल्हन भी अपने आप को डांस करने से रोक नहीं पाए। दोनों ने सब के सामने एक दूसरे के साथ जीने-मरने की कसमें खाईं।

भारत का कल्चर काफी रिच है
वहीं शादी के बाद फिलीपींस के जेझल ने बताया कि भारत एक बेहतरीन देश है। यहां का कल्चर काफी रिच है। गाय बहुत दिखती हैं। हमारे देश में दिखती ही नहीं। मुझे बहुत की अच्छा लग रहा है और मैं इस शादी से खुश हूं।
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बैलगाड़ी से दुल्हनिया लेने निकला दूल्हा..

2 महीने पहले महासमुंद जिले में एक अनोखी शादी देखने को मिली। यहां एक दूल्हा बैलगाड़ी में सवार होकर अपनी दुल्हनिया लेने पहुंचा। उसकी बारात बैलगाड़ी में निकली। बाराती किसान के गेटअप में नजर आए। इस दौरान जिन लोगों ने भी इस अनोखी बारात को देखा वो हैरान रह गया। बारातियों ने इस अनोखी बारात में जमकर डांस किया।
रायपुर के लोधीपारा इलाके में रहने वाले अनुराग साहू की बारात सोमवार को महासमुंद आई थी। अनुराग ठेकेदारी का काम करते हैं। उनके पिता बेमेतरा के नवागढ़ में खेती किसानी का काम करते हैं। अनुराग की शादी महासमुंद की रहने वाली भाविका साहू से कुछ समय पहले ही तय हुई थी। इसके बाद 29 नवंबर को शादी थी।
राजधानी रायपुर से अनुराग की बारात दोपहर 4 बजे के आस-पास महासमुंद के एक पैलेस में पहुंच गई थी। यहां लड़की वालों ने बारातियों को पहले स्वागत किया। फिर बारात जनमासा स्थल से जब निकली, तब देखने वाले भी हैरान रह गए। रोड में दूल्हा कार या घोड़े पर नहीं, बल्कि बैलगाड़ी में बैठा हुआ था। अगल-बगल बैंड और डीजे बज रहा था।
आम तौर पर शादी में लोग शूट, कुर्ते पैजामे या जींस-शर्ट में नजर आते हैं। मगर इस बारात में कुछ लोग किसान बनकर ही पहुंचे थे। इन बारातियों ने सिर में पगड़ी, गले में गमछा और धोती पहन रखी था। मकसद था ये पूरे तरह किसान लगें। बारातियों को मानना था कि शादी में हमारी छत्तीसगढ़ी परंपरा दिखे और हम लोग खेती किसान से जुड़े हैं, वह भी दिखना चाहिए। कुछ लोग तो दूल्हे के साथ सेल्फी लेने ही पहुंच गए, जिन्हें नहीं भी बुलाया गया था वह भी दूल्हे के साथ सेल्फी लेते नजर आए।

पिछले साल फरवरी में बालोद में एक दूल्हा अपनी बारात बैलगाड़ी में लेकर निकला। उसकी बैलगाड़ी को किसी रथ की ही तरह सजाया गया था। बारात में शामिल लोग बैंड में जमकर डांस कर रहे थे। जब रास्ते से ये बारात गुजर रही थी तब सबकी निगाहें इसी बारात पर थीं। बारात जिस जगह से निकली देखने लोगों की भीड़ से लग गई थी। इसका वीडियो भी सामने आया था।
अक्सर बड़े शहरों में बड़ी-बड़ी शादियां होती हैं। उसमें लग्जरी वाहन से लेकर लाइटिंग और बैंड होता है। इस सबके बीच मालीघोरी निवासी राकेश देशमुख की बारात बैलगाड़ी से निकली। बताया गया कि राकेश की शादी उसी गांव में रहने वाली निर्मला देशमुख के साथ तय हुई थी। उसकी शादी 18 फरवरी को होनी थी। ऐसे में राकेश ने ये तय किया था कि वह अपनी बारात बैलगाड़ी में लेकर निकलेगा।पढ़ें पूरी खबर
