भिलाई के मरोदा जलाशय में बन रहा प्रदेश का पहला फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट 

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भिलाई नगर। भिलाई में प्रदेश का पहला फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट तैयार हो रहा है। इससे 15 मेगावॉट की बिजली का उत्पादन होगा। भिलाई स्टील प्लांट के मरोदा टैंक में एनएसपीसीएल की देखरेख में सोलर पॉवर प्लांट तैयार किया जा रहा है।

भिलाई स्टील प्लांट के प्रभारी निदेशक अनिर्बान दासगुप्ता, एनटीपीसी के चेयरमैन रविवन्द्र कुमार, एनएसपीसीएल के सी शिवकुमार ने मिलकर इसका शिलान्यास किया। 15 मेगावाट प्लांट पूरे भारत में सभी सेल प्लांट्स में एक प्रमुख परियोजना होगी। फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट के पैनल मरोदा टैंक में लग जाने से यहां जल वाष्पीकरण की दर नहीं के बराबर हो जाएगी। इससे बीएसपी को काफी आर्थिक बचत होगी।

फ्लोटिंग सोलर पॉवर प्लांट के शिलान्यास अवसर पर

एनटीपीसी के चेयरमैन रविंद्र कुमार ने बताया कि इस प्रयोग से पानी को संरक्षित करने में भी मदद मिलेगी। जल के प्राकृतिक शीतलन प्रभाव के कारण सोलर पैनलों की दक्षता भी बढ़ेगी। भिलाई स्टील प्लांट के लिए जल वाष्पीकरण में बचत के कारण बचत भी करोड़ों में होगी।

15 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगभग एक वर्ष में तैयार हो जाएगा। प्लांट से जो ऊर्जा का उत्पादन होगा उससे भिलाई स्टील प्लांट की ऊर्जा आवश्यकताओं को काफी हद तक पूरा किया जा सकेगा। इससे वहां कोयले की खपत भी कम होगी। इससे एक स्थिर और पर्यावरण अनुकूल बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

एनएसपीसीएल के अधिकारी सी शिवकुमार ने बताया कि यह पहला ऐसा सोलर पावर प्लांट होगा, जो स्टील प्लांट के कार्बन फुटप्रिंट को काफी हद तक कम करने में योगदान देगा। ये ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करेगा। इस परियोजना को सेल की रिन्यूएबल एनर्जी की जरूरत को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है।

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रामागुंडम में है 100 MV का प्लांट

एनएसपीसीएल से सीजीएम पॉवर राजीव पाण्डेय ने बताया कि एनटीपीसी लिमिटेड, एनएसपीसीएल की मातृ कंपनी, विभिन्न स्थानों पर फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट स्थापित करने और सफलतापूर्वक संचालित करने में व्यापक अनुभव रखती है। इनमें से सबसे बड़ा प्लांट रामागुंडम में 100 मेगावाट की क्षमता वाला है। एनएसपीसीएल (एनटीपीसी-सेल पावर कंपनी लिमिटेड) राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड का एक संयुक्त उद्यम है जो भारत भर में सेल के कई स्टील प्लांट्स की कैप्टिव पावर आवश्यकता को पूरा करने के लिए बिजली उत्पादन में लगा हुआ है।

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