
कवर्धा3 घंटे पहले

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कबीरधाम जिले में बारिश के पानी को सहेजने के लिए 76 नए तालाब बनाए जा रहे हैं। इन तालाबों के जरिए करीब 88 करोड़ लीटर बारिश का पानी सहेजेंगे, जिससे भूजल स्तर में सुधार होगा। साथ ही 582 हेक्टेयर खेत सिंचित हो सकेंगे। ग्रामीण इसमें मछली पालन कर रोजगार कर सकेंगे। यही नहीं, ये तालाब निस्तारी के काम भी आएंगे। अमृत सरोवर के जरिए ये तालाब बनाए जा रहे हैं। प्रत्येक तालाब करीब 2 हेक्टेयर क्षेत्र में बन रहा है। इसमें औसतन 11-11 हजार घन मीटर जल संग्रहण कर सकेंगे।

कुल 76 तालाबों का औसतन क्षेत्रफल 6.08 लाख वर्ग मीटर का होगा, जिसमें 8.74 लाख क्यूबिक यानी घन मीटर वर्षा जल सहेज सकेंगे। सीधे तौर पर इसमें 87.40 करोड़ लीटर वर्षा जल रोका जा सकेगा, जिससे स्थानीय लोगों को फायदा मिलेगा। जिपं सीईओ संदीप अग्रवाल बताते हैं कि स्वीकृत 76 में से 35 नए और 41 तालाबों की मरम्मत का काम शामिल है। इसे लेकर 13.23 करोड़ रुपए मंजूर हुआ है। अप्रैल 2023 तक तालाबों का काम पूरा किया जाना है। इसी हिसाब से काम कर रहे हैं।
जानिए, इन नए तालाबों से ये होंगे फायदे
भूजल स्तर 10 से 12 फीट बढ़ेगा: जल संसाधन विभाग के मुताबिक एक तालाब पूरे वर्षा काल में अपनी क्षमता से 3 गुना पानी जमीन में अंदर पहुंचाता है। इस तरह इनसे 263 करोड़ लीटर पानी जमीन में पहुंचेगा। इससे आसपास के क्षेत्र में साल भर में ही 10 से 12 फीट तक जल स्तर बढ़ेगा। आगामी सालों में बदलाव दिखेगा।
मछली पालन से मिलेगा रोजगार: मनरेगा के जरिए सभी नए तालाब ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए जा रहे हैं। जिन गांवों में ये तालाब बन रहे हैं, वहां औसतन 1100 लोग काम कर रहे हैं। तालाब बनने के बाद इसमें मछली पालन किया जा सकेगा, जिससे ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा। निस्तारी के भी काम आएंगे।
1439 एकड़ में खेती को संजीवनी: कृषि विभाग की मानें, तो एक हेक्टेयर भूमि की सिंचाई में 1500 क्यूबिक यानी घन मीटर पानी लगता है। इस हिसाब से देखा जाए तो 76 नए तालाबों में पानी स्टोर होने से 8.74 लाख क्यूबिक मीटर पानी से 582 हेक्टेयर यानी 1439 एकड़ कृषि जमीन सिंचित हो सकेगी।
