


मुंबई। महाराष्ट्र में हर किसी के मन में आज यही सवाल है। ठाकरे खानदान के इन दो क्षत्रपों ने शनिवार को अपने बयानों से खलबली मचा दी। राज और उद्धव, दोनों ने अलग-अलग मंच से कहा कि वे महाराष्ट्र और मराठी लोगों के हित में निजी मतभेद को किनारे रखने को तैयार हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस संभावना पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, ‘हमें खुशी है कि ठाकरे भाई एक साथ आ रहे हैं…वे इस पर बेहतर तरीके से टिप्पणी कर सकते हैं। फिल्म निर्माता महेश मांजरेकर के साथ पॉडकास्ट में राज ठाकरे ने कहा कि वह महाराष्ट्र के बड़े हित के लिए छोटे-मोटे विवादों को अलग रख सकते हैं। राज ने कहा कि वे अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे के साथ काम कर सकते हैं, बशर्ते वह इसके लिए तैयार हों। वहीं, उद्धव ने भारतीय कामगार सेना की 57वीं वार्षिक आम बैठक को संबोधित करते हुए कहा, ‘मैं (राज ठाकरे के साथ) साथ आने के लिए तैयार हूं। मैं छोटी-मोटी घटनाओं को अलग रखते हुए महाराष्ट्र के हित में आगे आने के लिए तैयार हूं। मैंने सभी झगड़ों को खत्म कर दिया है। महाराष्ट्र का हित मेरी प्राथमिकता है। हालांकि, उद्धव के खास संजय राउत ने दोनों भाइयों के साथ आने की एक शर्त रख दी।

