


दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने FIITJEE कोचिंग संस्थान से जुड़े दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम में 10 स्थानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई इसलिए हुई क्योंकि इस कोचिंग संस्थान ने अपने कई सेंटर्स को अचानक बंद कर दिया था जिसके बाद इसे विरोध का सामना करना पड़ा था। ये छापेमारी FIITJEE के मालिक डीके गोयल से जुड़े ठिकानों पर भी हुई है।
दरअसल लंबे समय से FIITJEE के सेंटर्स बंद होने से कई बच्चों के अभिभावक परेशान थे जिन्होंने एडवांस फीस जमा कर दी थी। सेंटर्स बंद होने पर परिजनों ने जगह-जगह FIR दर्ज कराई थी। लगभग सभी FIR में धोखाधड़ी, बेईमानी और विश्वासघात का आरोप लगा था। अब इसी मामले में ED ने रेड की है।

12,000 छात्रों के भविष्य का सवाल
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सैकड़ों FIITJEE सेंटर्स के बंद होने से लगभग 12,000 छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। वहीं, संस्थान के मालिकों ने कथित रूप से लगभग 12 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है। ED की जांच में शामिल होने से पहले नोएडा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए FIITJEE से जुड़े 300 से ज्यादा बैंक खातों को फ्रीज किया था और 60 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं।
इस मामले में पहली FIR गाजियाबाद में दर्ज हुई थी, जिसमें चार लोगों को नामजद किया गया। इसके बाद 24 जनवरी को नोएडा में दूसरी FIR दर्ज की गई, जिसमें FIITJEE के नौ अधिकारियों को आरोपी बनाया गया। तीसरी शिकायत ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाने में चार लोगों के खिलाफ दर्ज की गई।
FIITJEE ने क्या कहा ?
FIITJEE ने 25 जनवरी को एक आधिकारिक बयान जारी किया था जिसमें कहा गया कि सेंटर्स का बंद होना संस्थान का फैसला नहीं था, बल्कि मैनेजिंग पार्टनर्स के “मिसमैनेजमेंट” का नतीजा था। संस्थान ने यह भी आरोप लगाया कि प्रतिद्वंदी संस्थानों ने उनके फैकल्टी को बहका लिया। FIITJEE ने कहा था कि उनकी कानूनी टीम इन “दुर्भावनापूर्ण मुकदमों” के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
