
जांजगीर8 घंटे पहले

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मुलमुला के क्षत्रिय समाज की ओर से समाज के किसी के घर में मृत्यु हो जाने पर मृतक के मोक्ष के लिए क्रिया कर्म के लिए आर्थिक मदद दी जाती है। वे पिछले पांच साल से अपने लोगों की मदद के लिए समाने आ रहे हैं। गांव में निवास करने लगभग 50 परिवार एक साथ मिल जुलकर किसी की निधन के बाद मदद के लिए हाथ बढ़ाते हैं। पांच साल पहले शुरू हुई यह परंपरा आज भी बरकरार है। अब तक लगभग 4 लाख 50 हजार रुपए की राशि इकट्ठा कर सजातीय परिवार को दिया जा चुका है।

पामगढ़ विधानसभा अंतर्गत मुलमुला के क्षत्रिय समाज के सदस्यों द्वारा समाज में किसी व्यक्ति के निधन हो जाने पर उस परिवार को गांव के प्रत्येक घर से 500 रुपए सहयोग करते हैं। सहयोग राशि देने परिवार का यह उद्देश्य है कि शोकाकुल परिवार की कुछ थोड़ी बहुत आर्थिक मदद हो सके। व्यक्ति सारे रुपए खर्च करने में पर सक्षम हो इसके बाद भी उसे यह मदद राशि दी जाती है। समाज के लोगों का कहना है यह राशि बहुत अधिक नहीं पर परिवार में निवास करने वाले प्रत्येक परिवार से 500 या उनकी इच्छा अनुसार यह राशि ली जाती है।
थोड़ी सी मदद में बड़ी राहत: समाज के युवा तेगबहादुर सिंह ने बताया कि निधन के बाद दशगात्र व कार्यक्रम में अधिक लोगों को भोजन कराते हैं। कार्यक्रम भी 13 दिनों का रहता है, जिसमें अधिक पैसे खर्च होते हैं। इसलिए 500 रुपए चंदा इकट्ठा कर उस परिवार को देते हैं। उन्होंने बताया कि पांच साल में करीब 19 मृतक के परिजन काे लगभग 4 लाख 50 हज़ार रुपए मदद की जा चुकी है।
सामाजिक एकता के लिए उठाया गया यह कदम
क्षत्रिय समाज के दिनेश सिंह ने बताया कि निधन होने के बाद सांसारिक कार्य करने में परेशानी न हो इसके लिए वे सभी मिलकर धन राशि सभी जमा करवाते हैं। ताकि ऐसी विपत्ति के समय में उस परिवार को आर्थिक सहयोग हो सके। हालांकि इसकी भी बाध्यता नहीं है कि गांव में जो परिवार राशि देने में सक्षम नहीं है उसके लिए निर्णय उसकी आर्थिक स्थिति पर छोड़ दिया गया है। रुपए इकट्ठा करने के बाद राशि जमा करने बाद जिम्मेदारी के साथ शोकाकुल परिवार तक पहुंचाने का कार्य किया जाता है। इससे समाज में एकता बनी रहती है।
