मुख्यमंत्री बोले- मार्च में कौन सा मुहूर्त, भाजपा के इशारे पर रुका बिल; राज्यपाल बोलीं थीं- इंतजार करिए | Statement of Chief Minister Bhupesh Baghel in Raipur reservation dispute Governor Dispute statement of waiting till March

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रायपुर36 मिनट पहले

छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उइके के बयान पर प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सख्त अंदाज दिखाया है। राज्यपाल ने कह दिया था कि आरक्षण विधेयक के हस्ताक्षर के लिए मार्च तक इंतजार करें। इसके बाद जो जवाब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिया उसमें उनकी नाराजगी दिख रही है। ये बयान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायपुर के हेलीपैड पर दिया, भेंट मुलाकात कार्यक्रम में रवाना होने से ठीक पहले

मार्च तक इंतजार की बात को सुनकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सवालिया लहजे में कहा- मार्च तक क्यों इंतजार करना चाहिए, मुहूर्त देख रही हैं ? यहां सब परिक्षाएं हैं, बच्चों को एडमिशन लेना हैं, व्यापम में परीक्षा होनी है, पुलिस में भर्ती होनी है, शिक्षकों की भर्ती होनी है, हेल्थ डिपार्टमेंट में भी भर्ती होनी है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि – सभी भर्तियां होनी हैं और ये रोके बैठे हैं। ये संविधान में प्राप्त अधिकारों का दुरुपयोग है। मार्च में ऐसा कौन सा मुहूर्त निकलने वाला है। दिसंबर में पास हुआ है आरक्षण विधेयक और अब तक रोके बैठे हैं। इस मामले में भाजपा चुप है, भाजपा के इशारे पर ही इसे रोका जा रहा है। ये प्रदेश के युवाओं के साथ अन्याय है।

नक्सली पीछे गए अब भाजपा वाले हिंसा फैला रहे…
आदिवासियों के मसले पर बात करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा- भाजपा ने आदिवासी के हित में कोई फैसला नहीं किया। ऊपर से जमीन छीनने में भी कोई कसर नहीं छोड़े, और कानून बना रहे थे जमीन हासिल करने के लिए, लेकिन हमने उसे पलटा। आदिवासियों की जमीन बड़े कार्पोरेट को देने की तैयारी थी। किसी आदिवासी को भाजपा ने अपने वक्त में पट्‌टा नहीं दिया। अब मुद्दा बचा नहीं है। नक्सली हमारी नीति के कारण पीछे चले गए। अब वहां हिंसा फैलाने के लिए तरह तरह के षडयंत्र कर रहे हैं भाजपा के लोग ।

रमन सिंह ने कहा था बाप को लटका देना चाहिए…
अपने कार्यकाल में एक बार रमन सिंह ने कहा था कि बेटा गलती करे तो बाप को भी सजा होनी चाहिए। अब नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल के बेटे पर एक आदिवासी युवती ने रेप का आरोप लगाया है। इस मामले में भूपेश बघेल ने कहा- रमन सिंह कहते हैं बेटा गलती करे तो बाप को लटका देना चाहिए, पर उपदेश कुशल बहुतेरे । किसी आदिवासी महिला के साथ अनाचार हो गया और डॉ रमन निंदा भी नहीं कर रहे, भाजपा के लोगों के लिए डॉ रमन सिंह के अलग कानून है क्या। गिरफ्तारी की मांग कर, ऐसा तो नहीं कि छुपाने में लगे हैं। मुख्यमंत्री का इशारा नेता प्रतिपक्ष के बेटे को लेकर था।

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अपराधी बेटा नहीं, बाप होता है…

जुलाई 2012 में साइंस सेंटर में हुए DNA पर एक कार्यक्रम में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन ने कहा था- अपराधी बेटा नहीं होता, बाप होता है। अगर बेटा गलती करता है तो बेटे की नहीं बाप की ठुकाई करनी चाहिए, क्योंकि गुण तो अपने बाप से लेता है बेटा। चोरी कर रहा है, डकैती कर रहा है, बलात्कार कर रहा है तो बेटे का बिल्कुल दोष नहीं। जैसा हमारा खून है, जैसा हमारा डीएनए है वैसा हमारा बेटा है।

राजभवन में अटका आरक्षण बिल

छत्तीसगढ़ की राज्यपाल आरक्षण विधेयक पर फिलहाल साइन नहीं करेंगी। ये बात उन्होंने खुद मीडिया के जरिए जाहिर कर दी है। आरक्षण का मसला और दो महीनों के लिए खींच गया है। ये और कुछ दिन अटका ही रहेगा। बीते 53 दिनों से आरक्षण बिल राजभवन में है। राज्यपाल के हस्ताक्षर न करने की वजह से काफी विवाद भी हो रहा है।

रायपुर के एक कॉलेज के कार्यक्रम में रविवार को राज्यपाल अनुसुईया उइके बतौर अतिथि पहुंची थीं। कार्यक्रम से लौटते वक्त मीडिया ने आरक्षण विधेयक पर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा- अभी मार्च तक का इंतजार करिए, इतना कहकर फौरन राज्यपाल राजभवन के लिए रवाना हो गईं। पढ़िए पूरी खबर

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