


दुर्ग। दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय, दुर्ग के कुलपति डॉ.आरआरबी सिंह के मार्गदर्शन एवं अधिष्ठाता डॉ.संजय शाक्य के नेतृत्व में पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय, अंजोरा के पशु औषधि विज्ञान एवं विष विभाग द्वारा वन डे वर्कशॉप कम हैंड्स ऑन ट्रेंनिंग ऑन एक्सपेरिमेंटल टेक्निक्स इन फार्माेकोलॉजी एंड टॉक्सिकोलॉजी का समापन हुआ।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन एवं समापन अवसर पर मुख्य अतिथि कुलपति डा सिंह, विशिष्ट अतिथि कुलसचिव डॉ.बीपी राठिया, कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ.संजय शाक्य, अतिथि वक्ता डॉ.माधुरी बघेल, प्राचार्य एवं प्राध्यापक, अपोलो कॉलेज ऑफ फार्मेसी, अंजोरा, मात्स्यिकी महाविद्यालय, कवर्धा के अधिष्ठाता डॉ.एमके गेंदले, प्राध्यापक डॉ. केएम कोले, आयोजन सचिव डॉ. श्रद्धा नेटी, विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ.दिलीप चौधरी, निदेशकगण, प्राध्यापकगण, छात्र-छात्राएं एवं 45 प्रतिभागियों की उपस्थिति में दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

कुलपति ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस कार्यशाला के प्रायोगिक एवं तकनीकी ज्ञान सेे मुख्य रूप से शोधकर्ता, वैज्ञानिक, प्राध्यापकगण एवं छात्र-छात्राऐं लाभान्वित होते है। समय-समय पर इस प्रकार के आयोजन से नए-नए अनुसंधान की संभावनाएं प्राप्त होती है।
अतिथि वक्ता डॉ.माधुरी बघेल ने अपने व्याख्यान में कहा मॉलिक्युलर सिलिको तकनीक का प्रयोग कर नई दवाइयों की खोज की जा सकती है। इस तकनीक में एनीमल एक्सपेरिमेंट की आवश्यकता नहीं होती है।
अधिष्ठाता डॉ.संजय शाक्य* ने कार्यशाला की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन से शोधकर्ताओं को सीखने के नए अवसर प्राप्त होते है एवं उनके ज्ञान में वृद्वि होती है। कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु आयोजकों को बधाई दी। प्राध्यापक डॉ.केएम.कोले ने सीएएल सॉफ्टवेयर प्रशिक्षण, एलडी50 के निर्धारण, डोज रिस्पॉन्स रिलेशनशिप एवं अंग बाथ यंत्र पर प्रयोग, केंद्रीय तंत्रिका तंत्र हेतु औषधियो की स्क्रीनिंग, विषय पर व्याख्यान दिया।
आयोजन सचिव सह-प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. श्रद्धा नेटी ने लैब एनिमल हैंडलिंग, ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, ब्लड कलेक्शन, वेदना नाशक एवं सूजन रोधी औषधियों की पहचान जैसे विषयों पर व्यावहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। कार्यशाला के विषय में प्रतिभागियों से प्रतिक्रिया (फीडबैक) ली गई।
कार्यक्रम का संचालन डॉ.श्वेता जैन एवं डॉ.श्रद्वा नेटी द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
