


आरू साहू ने लोकगीतों से सजाया मंच, भक्ति और संस्कृति से सराबोर हुआ रायगढ़
चक्रधर समारोह का तीसरा दिन कथक, भरतनाट्यम, तबला और लोकगीतों से सजा सांस्कृतिक महफिल

रायगढ। चक्रधर समारोह के तीसरे दिन संगीत की विभिन्न विधाओं की झलक देखने को मिली। छत्तीसगढ़ की बेटी और सुप्रसिद्ध लोकगायिका आरू साहू ने अपनी सुरमयी प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया। उनके देर रात तक चले कार्यक्रम में श्रोता झूमते रहे। तबला वादक योगेश शम्सी ने भी अपनी शानदार प्रस्तुति दी। सारंगी के साथ उनके तबले की संगत ने माहौल में एक रूहानी मिठास घोल दी।
कार्यक्रम की शुरुआत में स्थानीय बाल कलाकारों ने अपनी मनोहारी प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया। इसी कड़ी में रायगढ़ की प्रतिभावान कलाकार कुमारी नव्या सिंह ने मंच पर कथक की विविध विधाओं की उत्कृष्ट प्रस्तुति दी। बाल कलाकार कृष्णवी सिंह और अविका मोटवानी ने अपनी मनमोहक कत्थक नृत्य प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भवप्रीता डांस एकेडमी रायगढ़ ने अपनी गरिमामयी और ऊर्जावान प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दक्षिण भारत की शास्त्रीय परंपरा का प्रतिनिधित्व करते हुए बेंगलुरु की गुरु श्रीमती बाला विश्वनाथ ने भरतनाट्यम की गरिमामयी प्रस्तुति दी। वहीं जबलपुर (मध्यप्रदेश) से पहुंचे संस्कार भारती महाकौशल प्रांत की टीम ने अपनी ऐतिहासिक नृत्य नाटिका से दर्शकों के हृदय को गहराई तक छू लिया। छत्तीसगढ़ के रजत जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग, पर्यटन मंडल एवं जनसहयोग से जिला प्रशासन द्वारा आयोजित चक्रधर समारोह के तीसरे दिन कला, संस्कृति और परम्परा का जीवंत संगम देखने को मिला।
अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह का तीसरे दिन कार्यक्रम की शुरुआत में स्थानीय बाल कलाकारों ने अपनी मनोहारी प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया। इसी कड़ी में रायगढ़ की प्रतिभावान कलाकार कुमारी नव्या सिंह ने मंच पर कथक की विविध विधाओं की उत्कृष्ट प्रस्तुति दी। उनकी सुन्दर भाव-भंगिमाएँ, सधे हुए पदचाप और नृत्य लय की लयबद्धता ने समारोह की गरिमा को और बढ़ा दिया।
बता दे कि कुमारी नव्या सिंह आयात कथक डांस एकेडमी रायगढ़ में अपनी गुरु तब्बू परवीन से कथक की शिक्षा प्राप्त कर रही। कुमारी नव्या सिंह कई बड़े मंचों में कथक नृत्य का प्रस्तुति भी दे चुकी है। 2 सितंबर को प्रणवम में अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित भी होने वाली है। उनकी प्रस्तुति के दौरान दर्शकदीर्घा तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठी।
बाल कलाकार सुश्री कृष्णवी सिंह और अविका मोटवानी ने अपनी मनमोहक कत्थक नृत्य प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बाल प्रतिभा के रूप में मंच पर उतरी वैष्णवी ने अपनी भाव-भंगिमा, नृत्य की लय और सधी हुई ताल से समां बांधा।
