जश्ने ईद मिलादुन्नबी पर शहर में जुलूस, लंगर और तकरीर सहित कई आयोजन

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भिलाई। पैगम्बर हजरत मुहम्मद के 1500 वें जन्मदिन पर शहर में सुबह से देर रात तक जुलूस, तकरीर, नातिया कलाम लंगर और सम्मान समारोह सहित कई आयोजन हुए। इन आयोजनों में बड़ी तादाद में लोगों की भागीदारी रही। जुलूसे मुहम्मदी में लोग नात शरीफ पढ़ते हुए चल रहे थे। वहीं जगह-जगह शरबत के सबील और लंगर के स्टॉल भी लगाए गए थे। शाम को जामा मस्जिद सेक्टर-6 के ईदगाह मैदान में नारा-ए-तकबीर अल्लाहू अकबर और नारा-ए-रिसालत या रसूल अल्लाह की गूंज के बीच परचमे इस्लाम फहराया गया।

इसके पहले ईद मिलादुन्नबी पर आयोजनों की शुरूआत शुक्रवार की सुबह से हो गई। फज्र की नमाज के बाद शहर की तमाम मस्जिदों, सभी मदरसों में परचमे इस्लाम फहराया गया और नात शरीफ पढ़ी गई। शहर में कैम्प-1, कैम्प-2, खुर्सीपार, फरीद नगर और सेक्टर-7 सहित विभिन्न मदरसों से सुबह के वक्त जुलूस निकाला गया। इन जुलूसों में बड़ों के साथ-साथ बच्चों की भी बड़ी तादाद में भागीदारी रही।

इसके बाद भिलाई नगर मस्जिद ट्रस्ट की अगुवाई में मुख्य जुलूस की शुरूआत दोपहर ठीक 2 बजे गौसिया मस्जिद केम्प-1 से हुई।

जुलूस की कयादत हज़रत अल्लामा सैय्यद मुहम्मद अहरार आलम वफा शहबाज़ी कर रहे थे। साथ ही जामा मस्जिद सेक्टर-6 के इमाम इकबाल अंजुम हैदर, भिलाई नगर मस्जिद ट्रस्ट के सदर मिर्जा आसिम बेग और तमाम मस्जिदों के इमाम व ओहदेदार भी जुलूस में खास तौर पर मौजूद थे।

जुलूस की शुरूआत में हाउसिंग बोर्ड से आने वाली अंजुमन भी गौसिया मस्जिद रोड , केम्प-01 से साथ में शामिल हुई। जुलूस यहां से लिंक रोड से होते हुए केम्प-2 रजा़ जामा मस्जिद पहुंचा। जहां से मदरसा रोड होते हुए शीतला काम्पलेक्स से नंदनी रोड पहुंचा। जिसमें सुपेला से गरीब नवाज़ मस्जिद, रामनगर बोरा लाइन से मस्जिद मदरसा अफ़ज़ल उल उलूम तक के लोग शामिल हुए।

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इसके पहले दोपहर में जुमे की नमाज के बाद हाउसिंग बोर्ड शेरे खुदा ईदगाह मैदान में परचम कुशाई के बाद जुलूस मोहम्मदी निकला, जो हाऊसिंग बोर्ड के आम रास्तों से होता हुआ फौजी नगर, छावनी चौक, वहां से छावनी रोड होता हुआ पावर हाउस चौक पर जाकर अन्य जुलूस के साथ मिल गया। जुलूस पावर हाउस ओवर ब्रिज पार करके इक्विपमेंट चौक पहुंचा। यहां पर खुर्सीपार जोन 1/2 व जोन-3 से आने वाली अंजुमन भी शामिल हुईं। फिर सेंट्रल एवेन्यू रोड से सेक्टर-5 चौक होते हुए शाम 06 बजे तक सेक्टर-6 जामा मस्जिद के ईदगाह मैदान पहुंचा। यहां मगरिब की नमाज के वक्त शाम को परचम कुशाई की गई। मगरिब की नमाज़ के फौरन बाद ईदगाह मैदान में तक़रीरी प्रोग्राम हुआ जिसमें अल्लामा सैयद मुहम्मद अहरार आलम वफा शहबाजी ने सीरतुन्नबी का बयान किया।

जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मौके पर दुर्ग शहर में जुलूसे मोहम्मदी की कयादत हज़रत अल्लामा अश्शाह सैय्यद अहमद अशरफ अशरफ़ी उल जिलानी ने की। जुमे की नमाज उन्होंने जामा मस्जिद दुर्ग में पढ़ाई और इसके बाद जुलूस निकला। नबी के दीवाने (एनकेडी) ग्रुप कैम्प-1 की ओर से सुबह 6 बजे सुल्तानपुर ताजिया चौक में परचम कुशाई की गई और शीरनी बांटी गई।

सेक्टर-7 में निकला जुलूस

जश्ने ईद मिलादुन्नबी पर सेक्टर -7 में कई आयोजन हुए। गुरुवार 4 सितंबर की शाम बाद नमाज मगरिब क्वा नं- 6/बी, सड़क-19 मदरसे में बच्चों की नात ख्वानी रखी गई। शुक्रवार को सुबह ठीक 07:30 बजे सेक्टर-7 सड़क-19 स्थित मदरसे से जुलूस ए मोहम्मदी निकला। जो सेक्टर 7 मार्केट से होते हुए अलग-अलग हिस्सों में गश्त करते हुए वापस मदरसा पहुंचा। यहां परचम कुशाई की रस्म अदा की गई और दुआए खैर की गई।

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