
भिलाई। एआईडीए (ऑल इंडिया डांसर्स एसोसिएशन) एवं केरल समाजम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अखिल भारतीय संगीत एवं नृत्य प्रतियोगिता के दूसरे दिन का उद्घाटन वीके मोहम्मद, अध्यक्ष, केरल समाजम द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. जी. रतीश बाबू, निदेशक, एआईडीए, तथा केरल समाजम की गवर्निंग बॉडी के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

एसएनजी सेक्टर 4 में चल रही प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित विद्यालयों से आए लगभग 820 विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। प्रतिभागियों ने भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, मोहिनीअट्टम सहित भारत के विभिन्न राज्यों के लोक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं, जो भारतीय सांस्कृतिक विविधता और कलात्मक उत्कृष्टता का सुंदर प्रतिबिंब थीं।
एआईडीए एवं केरल समाजम द्वारा शाम को विशेष नृत्य महोत्सव “नृत्यकलाकेली” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केरल की प्रख्यात ट्रांसजेंडर कलाकार एवं प्रसिद्ध भरतनाट्यम नृत्यांगना सुश्री अद्रिजा पाणिक्कर ने भावपूर्ण प्रस्तुति दी, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। इसके पश्चात बेंगलुरु की सुश्री अमृता जगम ने भरतनाट्यम की अत्यंत प्रभावशाली प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

प्रतियोगिता एवं प्रस्तुतियों के लिए निर्णायक डॉ. राखी रॉय, सुश्री अमृता जगम, सुश्री बी. बीजी, सुश्री अद्रिजा दास तथा सुश्री बी. मेघा की प्रतिष्ठित मंडली थी।
पुरस्कार वितरण समारोह का संचालन वीके मोहम्मद एवं डॉ. जी. रतीश बाबू द्वारा अन्य गणमान्य अतिथियों तथा स्टील सिटी के वरिष्ठ गुरुओं की उपस्थिति में किया गया।
यह आयोजन भारतीय शास्त्रीय एवं लोक नृत्य परंपराओं के उत्सव के रूप में मनाने और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ कला एवं संस्कृति के संवर्धन के प्रति एआईडीए और केरल समाजम की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
