
राजस्व और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम की संयुक्त जांच में मिली गड़बड़ी

दुर्ग। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान उपार्जन का कार्य 31 जनवरी तक होगा। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर धान खरीदी व्यवस्था की निगरानी, पर्यवेक्षण एवं धान के रिसाइकिल पर नियंत्रण हेतु राइस मिलों और उपार्जन केन्द्रों का सतत निरीक्षण किया जा रहा है। राज्य स्तरीय कंट्रोल एण्ड कमांड सेंटर से प्राप्त अलर्ट के अनुक्रम में बुधवार को जिले की 2 राइस मिलों श्री श्याम एग्रो फूड प्रोडक्ट ग्राम गाड़ाडीह, तहसील पाटन एवं सतगुरू ट्रेडिंग कंपनी उतई, तहसील दुर्ग की जांच राजस्व एवं खाद्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई।
खाद्य नियंत्रक से मिली जानकारी अनुसार कंट्रोल एण्ड कमांड सेंटर से प्राप्त अलर्ट अनुसार श्याम एग्रो फूड प्रोडक्ट तथा सतगुरू ट्रेडिंग कंपनी को जारी 180 क्विंटल के डीओ के आधार पर उपार्जन केन्द्र द्वारा उपरोक्त मात्रा के धान का परिदान किया गया। इस संबंध में आरटीओ से प्राप्त जानकारी अनुसार जिन वाहनों में धान का उठाव किया गया था उनकी क्षमता 80 क्विंटल थी। इस प्रकार वाहन की क्षमता से अधिक धान परिवहन किये जाने के संबंध में राइस मिलों की जांच में वाहन की क्षमता से अधिक धान का परिवहन किया जाना पाया गया। इसके अतिरिक्त सतगुरू ट्रेडिंग कंपनी की जांच में धान निर्धारित मात्रा से 1210 क्विंटल कम तथा चावल 410 क्विंटल अधिक पाया गया। इसी प्रकार श्री श्याम एग्रो फूड प्रोडक्ट की जांच में 379 क्विंटल धान निर्धारित मात्रा से कम प्राप्त हुआ। इस प्रकार छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश 2016 के तहत अनियमितता पाये जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के अंतर्गत राइस मिल के विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध करते हुए मिल सील करने की कार्यवाही की गई। जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि धान खरीदी में पारदर्शिता बनाये रखने के लिए भविष्य में भी अवैध धान भंडारण एवं परिवहन पर निगरानी रखते हुए सतत रूप से जांच जारी रहेगी तथा अनियमितता पाये जाने पर संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

