
कवर्धा। भारतीय किसान संघ ने किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को कवर्धा में बड़ा प्रदर्शन किया। किसानों ने रायपुर–जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 पर चक्काजाम कर दिया। किसान संघ की प्रमुख मांग है कि धान खरीदी की अंतिम तिथि 15 फरवरी तक बढ़ाई जाए। साथ ही धान खरीदी व्यवस्था में हो रही कई विसंगतियों को तत्काल दूर किया जाए।

किसानों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। कलेक्टोरेट पहुंचे किसानों से कोई अधिकारी मिलने नहीं आया, जिससे नाराज होकर किसानों ने चक्काजाम का रास्ता अपनाया। चक्काजाम के कारण एक घंटे में ही एनएच-30 पर सैकड़ों वाहन फंस गए और घंटों यातायात प्रभावित रहा। मौके पर पुलिस प्रशासन ने स्थिति संभालने की कोशिश की और किसानों ने समझाइश के बाद जाम को हटाया।
किसानों के घर जाकर धान स्टॉक की चेकिंग
बता दें कि छत्तीसगढ़ में धान खरीदी में नया विवाद सामने आया है। ऑनलाइन पंजीयन बंद होने के बाद अब किसानों के घर जाकर धान स्टॉक चेक किया जा रहा है। कांग्रेस और कुछ किसानों का आरोप है कि धान खरीदी अव्यवस्था का विरोध करने वालों को सरकार के इशारे पर टारगेट किया जा रहा है । समिति के अधिकारी और कर्मचारी किसानों के घर जाकर चेक कर रहे हैं कि उनका कितना धान बिकने से बचा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन के आदेश पर ये किया जा रहा है।

25 से 30 प्रतिशत किसान नहीं बेच पाए धान
कांग्रेस का कहना है कि अब भी 25 से 30 प्रतिशत किसान अपना पूरा धान नहीं बेच पाए हैं। नए नियम के शर्तो का हवाला देकर टोकन देने में आनाकानी की जा रही है ।कांग्रेस के किसान नेता और पूर्व PCC चीफ धनेंद्र साहू, बलौदा बाजार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेंद्र शर्मा, पूर्व मंत्री शिवकुमार डहरिया ने भी कांग्रेसी नेताओं और धान खरीदी का विरोध करने वालों टारगेट कर टीम भेज कर धान का स्टॉक चेक किए जाने का आरोप लगाया है।
धान खरीदी में कोई गड़बड़ी नहीं
इधर भाजपा विधायक सुनील सोनी का कहना है कि गड़बड़ी रोकने के लिए नई व्यवस्था की गई है। धान खरीदी सुचारू रूप से चल रही है पिछली सरकार के कार्यकाल की तरह इस बार धान खरीदी में किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं हो रही है इसलिए कांग्रेसियों को तकलीफ हो रही है।
