दुर्ग तहसील के 2 रीडर निलंबित, 3 नायब तहसीलदारों को नोटिस, एसडीओ रीडर को भी शो काज

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एसडीओ के एक रीडर को भी शो का

दुर्ग न्यूज 15 फरवरी। कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा ने आज दुर्ग तहसील कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। यहां पर उन्होंने फाइलें निकालकर सभी लंबित प्रकरण देखें। कुछ प्रकरणों को काफी समय से आनलाइन रजिस्टर नहीं किया गया था। इस लापरवाही पर नाराजगी जाहिर करते हुए कलेक्टर ने रीडर तनसुख देशमुख और सुरेखा तिवारी को निलंबित कर दिया। तहसील न्यायालयों में कुछ केस काफी पुराने थे। बार-बार इसकी तिथि पाली जा रही थी जिसके कारण प्रकरणों के निराकरण में विलंब हो रहा था। ऐसी स्थिति पर नाराजगी जाहिर करते हुए कलेक्टर ने नायब तहसीलदार ढाल सिंह बिसेन, प्रीतम सिंह चौहान और सत्येंद्र शुक्ला को शोकाज नोटिस जारी किया। साथ ही अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय में रीडर मोहम्मद कादिर को भी शो काज नोटिस जारी किया गया। कलेक्टर ने अनुविभागीय परिसर स्थित सभी तहसील न्यायालयों की फाइलें देखीं। वे तहसील परिसर में आये आवेदकों से भी मिले और उनके आने का कारण पूछा। कुछ आवेदक राजस्व प्रकरणों को लेकर आये थे और कुछ पेशी पर। कुछ आवेदक चिटफंड कंपनियों से संबंधित जानकारी के लिए आये थे। कलेक्टर ने उन्हें आश्वस्त किया कि चिटफंड कंपनियों पर कार्रवाई लगातार जारी है और निवेशकों की राशि लौटाने की कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर ने तहसील कार्यालय् के निरीक्षण दौरान निर्देशित किया कि किसी भी प्रकरण में पटवारी और आरआई के प्रतिवेदन में विलंब नहीं होना चाहिए। यदि विलंब हो रहा है तो इसका स्पष्ट कारण होना चाहिए। सीमांकन के लिए तय की गई तिथि में टीम पहुंचना चाहिए और आवेदकों को इसकी पूरी जानकारी होनी चाहिए। कलेक्टर ने कहा कि इस बात की लगातार मानिटरिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरणों के समय सीमा पर पूरा होने की जिम्मेदारी तहसीलदारों की है और वे इसे सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रकरण के आते ही नियमानुसार इसके आनलाइन रजिस्ट्रेशन से संबंधित कार्रवाई शुरू हो जाए। समयसीमा से अधिक समय से लंबित प्रकरणों में लगातार सुनवाई कर फैसला शीघ्र किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि तहसीलों का औचक निरीक्षण इसी तरह से जारी रहेगा और कार्य में लापरवाही पाये जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ज्ञात हो कि कि कलेक्टर श्री मीणा नियमित रूप से तहसील और अनुविभागीय कार्यालयों का निरीक्षण कर रहे हैं और यहां आवेदनों के डिस्पोजल की स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। इस दौरान दुर्ग एसडीएम लक्ष्मण तिवारी भी मौजूद रहे।

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