


दुर्ग न्यूज, 19 फरवरी। अंतर्राज्यीय उठाईगिरी गिरोह के दो आरोपी गिरफ्तार करने में दुर्ग पुलिस को सफलता मिली है। पकड़ कर भिलाई लाए गए इन आरोपियों ने राज्य के रायपुर, बालोद, धमतरी, भटगांव, अंबिकापुर, बरेली, खण्डवा, बुटीबोरी एवं कोटर (नागपुर) में घटनाएं कारित की हैं।
गौरतलब हो कि 7 जून को विजेन्द्र सिंह बघेल (33 वर्ष) निवासी हास्पिटल कॉलोनी धमधा करीबन 12 बजे अपनी स्विफ्ट डिजायर कार में बैंक ऑफ इंडिया धमधा गया, कार को बैंक के सामने खड़ी कर बैंक के अंदर पहुंचा और बैंक में चेक के माध्यम से साढे़ 3 लाख रूपये निकाल काले रंग के गमछा में लपेटकर कार में रख दिया और जब कार निकालने लगा तो पीछे एक वैगन आर कार खड़ी होने से उस कार के ड्राईवर को खोजने अपनी कार को लॉक कर कृषि केन्द्र के पास गया। वापस आने पर देखा कि उसकी कार के सामने का कांच टूटा हुआ था और सीट पर रखा साढे़ तीन लाख रूपये गायब था। रिपोर्ट पर थाना धमधा में धारा 379 के तहत अपराध दर्ज किया गया था। इसी प्रकार 14 दिसंबर 2022 को फत्ते लाल साहू (43 वर्ष) निवासी ग्राम पेण्डरी गोवरा ने थाना धमधा में रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसके पिता मनोहर साहू ने 3 लाख रूपये केसीसी लोन लेने के लिए बैंक ऑफ इंडिया धमधा में एप्लाई किया था, जिसे लेने 14 दिसंबर को लगभग 11 बजे अपने मोटर सायकल में वह पिताजी को बैठाकर बैंक ऑफ इंडिया धमधा गया। जहाँ से 3 लाख रूपये निकाल कर बैंक के अंदर सफेद रंग के झोले में रखा। पिताजी बैंक में उसे छोड़कर हटरी बाजार चले गए और वह थैले को मोटर सायकल के साईड वाले बैग में रख कर मोटर सायकल से अपनी बड़ी माँ को लेने शासकीय अस्पताल धमधा पहुंचा। यहाँ पर अपनी मोटर सायकल को गेट के पास खड़ी कर तकरीबन 12 बजे अस्पताल के अंदर गया। पांच मिनट बाद अपनी बड़ी माँ के साथ वापस आकर देखा तो मेरे मोटर सायकल के साईड बैग का चैन खुला हुआ था और सफेद थैले में रखा 3 लाख रूपये नहीं था। धमधा पुलिस ने धारा 379 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया था।
जिले में लगातार उठाईगिरी की घटनाएँ घटित हो रही थी, जिसे गंभीरता से लेते हुए दुर्ग एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव द्वारा मामलों में त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपियों की शीघ्र पतासाजी एवं माल बरामदगी के निर्देश दिए गए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अनंत साहू, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी धमधा संजय पुढ़ीर, उप पुलिस अधीक्षक (अपराध) प्रभात कुमार के मार्गदर्शन में एसीसीयू प्रभारी निरीक्षक संतोष मिश्रा व थाना प्रभारी धमधा निरीक्षक सोमेश बघेल के नेतृत्व में एसीसीयू एवं थाना की एक संयुक्त टीम गठित कर टीम को कार्यवाही हेतु लगाया गया था।
टीम द्वारा घटना स्थल एवं बैंक के मध्य एवं प्रार्थी के आवागमन के मार्गो का सीसीटीव्ही फुटेज प्राप्त कर सुक्ष्मता से विस्तृत अवलोकन किया गया। परिणाम स्वरूप बैंक एवं घटना स्थल के मध्य दो संदेही दिखाई दिये, जिनके फुटेज के आधार पर अपराधिक उठाईगिरी गिरोह के सदस्यों से मिलान करने पर आरोपियों की पहचान अमर उर्फ पप्पू निवासी दीवानपुर पत्थलगांव हॉल निवासी हर्ष नगर कानपुर एवं चन्द्रभान नट निवासी खमरोद बुढ़ार शहडोल के रूप में हुई। पहचान सुनिश्चित होने के बाद सूत्रों से आरोपियों की उपस्थिति के संबंध में पतासाजी करने पर इनकी उपस्थिति कानपुर एवं बुढ़ार में होना पता लगा। पृथक-पृथक दो टीमें रवाना की गयीं।
कानपुर में पहुँचकर एक टीम द्वारा आरोपी के निश्चित ठिकाने की जानकारी नहीं होने पर उसके हर्ष नगर कानपुर स्थित संभावित ठिकाने के आस-पास लगातार पतासाजी की जाती रहीं किन्तु न ही आरोपी दिखायी दे रहा था और न उसके निवास का पता चल रहा था। पता चला आरोपी अमर उर्फ पप्पू स्वयं का ई-रिक्शा चलाता है। उसकी ई-रिक्शा का नम्बर प्राप्त कर शहर में ई-रिक्शा के विरुद्ध हुई चालानी कार्यवाही के संबंध में पता करने पर आरोपी के नाम से ई-रिक्शा का चालान कटना तथा चालान में उसका पूर्ण पता लिखा होना मिला। जिसके आधार पर आरोपी के निवास स्थान को सुनिश्चित किया जा सका। टीम द्वारा लगातार 7 दिन तक उसके निवास एवं उठने बैठने के ठिकानों पर लगातार निगाह रख रही थी। लेकिन आरोपी घर से बाहर दिखायी नहीं दे रहा था, जिससे स्थानीय नजीराबाद थाना से सहयोग प्राप्त कर आरोपी की उपस्थिति घर में होना पता करने के लिए ई चालान पेडिंग होने का बहाना बनाकर स्थानीय स्टॉफ को उसके घर भेजा गया। जिससे उसकी उपस्थिति अपने घर पर ही होना पता चला। स्थानीय स्टाफ की मदद से उसके घर पर दबिश देकर आरोपी अमर उर्फ पप्पू को पकड़ा गया।
प्रारंभिक पूछताछ पर आरोपी गुमराह करता रहा किन्तु तकनीकी आधार पर तथ्यात्मक पूछताछ करने पर अपने द्वारा उक्त घटना को अंजाम देना स्वीकार करते हुए बताया कि वह अपने साथी चन्द्रभान नट के साथ मोटर सायकल में धमधा गया था। जहाँ बैंक ऑफ इंडिया धमधा में आज से करीब 7 माह पूर्व बैंक के बाहर खड़ी स्विफ्ट डिजायर कार का शीशा तोड़कर कार की सीट में रखा काले रंग के गमछे में लपेटा हुआ 3.50 लाख रूपये को चोरी किया। इसी प्रकार आज से 2 माह पूर्व अपने साथी चन्द्रभान के साथ ही मोटर सायकल से धमधा जाकर बैंक ऑफ इंडिया से पैसा निकालकर मोटर सायकल के साइड बैग में रख कर ले जाते हुए एक व्यक्ति का पीछा कर उस व्यक्ति के द्वारा शासकीय अस्पताल धमधा पहुँचकर अपनी मोटर सायकल को गेट के सामने खड़ी कर अस्पताल के अंदर जाने पर मोटर सायकल के साइड बैग का चेन खोलकर सफेद रंग के थैला में रखा 3 लाख रूपये एवं पासबुक को चोरी कर उक्त रकम को आपस में बंटवारा कर लिया था। आरोपी के कब्जे से चोरी गयी रकम से 21 हजार रूपये नगद एवं चोरी गयी रकम से खरीदा गया एलईडी टीवी एवं होम थियेटर, साउण्ड बाक्स, चोरी गयी रकम में से 50 हजार रूपये जो उसके द्वारा अपने केनरा बैंक कानपुर के खाते में जमा किया गया था उसकी पासबुक बरामद कर जब्त किया गया।
इसी प्रकार दूसरी टीम द्वारा आरोपी चन्द्रभान नट उर्फ बल्लू को स्थानीय स्टाफ की मदद से ग्राम कोदेली पेट्रोल पंप के सामने थाना बुढ़ार मध्यप्रदेश से घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ करने पर अपने साथ अमर उर्फ पप्पू नट के साथ मिलकर उठाईगिरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त अपाचे मोटर सायकल क्रमांक एमपी 18 एमपी 3914 को जब्त किया गया है। दोनों आरोपियों से विस्तृत पूछताछ करने पर विगत 2 वर्षों में छत्तीसगढ़ के धमधा, भटगाँव, बालोद, बेमेतरा, बेरला, धमतरी के आलावा मध्यप्रदेश के बरेली, खण्डवा एवं महाराष्ट्र के बुटीबोरी एवं कोटर में उठाईगिरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया गया है। आरोपियों के विरूद्ध अग्रिम कार्यवाही थाना धमधा से की जा रही है।

