‘मजबूत कांग्रेस बुलंद भारत’ के नारे के साथ कांग्रेस अधिवेशन का समापन

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मल्लिकार्जुन खरगे ने दिया समापन भाषण

राहुल गांधी ने भी अधिवेशन को किया संबोधित
रायपुर, 26 फरवरी। कांग्रेस के 85वें राष्ट्रीय महाधिवेशन के समापन भाषण में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रायपुर महाधिवेशन के लिए सीएम भूपेश बघेल और पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम के साथ सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सराहना की। कांग्रेस के रायपुर महाधिवेशन का भले ही औपचारिक रूप से समापन होगा, लेकिन इसके साथ नई कांग्रेस का आगाज होने जा रहा है। उन्होंने समापन के मौके पर ‘मजबूत कांग्रेस बुलंद भारत’ का नारा दिया।
उन्होंने छत्तीसगढ़ पीसीसी अध्यक्ष, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके सहयोगी मित्रों, सेवा दल, फ्रंटल आर्गनाइजेशन का आभार जिन्होंने पिछले कई दिनों से लगातार मेहनत कर इतना अच्छा आयोजन किया। कश्मीर से कन्याकुमारी और गुजरात से अरुणाचल प्रदेश तक देश के कोने-कोने से यहां प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही। इस सम्मेलन में सोनिया जी का बहुत प्रेरक संबोधन रहा। उनका भाषण हमारे लिए स्पिरिट और शक्ति देने वाला भाषण है। राहुल जी और प्रियंका जी के साथ वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में जमीनी नेताओं ने कई महत्वपूर्ण बातें कहीं।

अब तक के सभी अधिवेशन में देश की दिशा को बदलने वाले फैसले हुए हैं: राहुल गांधी
राहुल गांधी जी ने अपने भाषण में यह बात कही कि चंद लोग इस देश की संपत्ति को लूट रहे हैं। पैसा हमारा और संपत्ति भी हमारी और उस पैसे से वे खरीदकर मोदी जी एक व्यक्ति को दे रहे हैं। उस अडानी को इतना बड़ा बना रहे हैं कि एक व्यक्ति हाथी के जैसा मोटा बन गया है. और किसी व्यापारियों को सरकार ने इतनी मदद नहीं कि जितना अडानी को किया। इसके लिए जो राहुल गांधी ने एक संकल्प दिया कि पूरी कांग्रेस पार्टी एक होकर सत्य की खोज में निकलना है। कैसे इतना पैसा आया, कितना पैसा उन्होंने बनाया, किन रीतियों से बनाया, हम लड़ेंगे. हम उनके साथ लड़ेंगे. उनके साथ खड़े होंगे।

जैसे भारत जोड़ो यात्रा में एक होकर कन्याकुमारी से कश्मीर तक सफल बनाया। 138 साल के कांग्रेस के इतिहास में अब तक 85 महाधिवेशन हुए हैं. इनमें देश की दिशा को बदलने वाले फैसले हुए हैं. लोगों के सरोकार से जुड़ी कई योजनाएं ऐसी हैं, जिनके मूल विचार हमारे अधिवेशनों में आए हैं. यहां तक कि भारत के संविधान में शामिल मूल अधिकार का विचार कराची रिजोल्यूशन में आया था। उसी के विचार हमारे बहुत से रिजोल्यूशन में आए हैं. रायपुर में उसी परंपरा के अंतर्गत राजनीतिक, आर्थिक, अंतर्राष्ट्रीय, कृषि, सोशल जस्टिस और यूथ से संबंधित प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया. आपने उसे पारित किया।

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इन प्रस्तावों के ड्राफ्ट बनाने से लेकर अंतिम रूप देने में काफी मंथन हुआ. इसमें कई लोगों की भागीदारी रही. सीडब्ल्यूसी सदस्यों की संख्या 25 से 35 करने का फैसला हुआ है. सीडब्ल्यूसी में 50 प्रतिशत जगह एससी एसटी ओबीसी महिला और युवाओं को देने का ऐतिहासिक निर्णय हमने लिया है. यहां की चर्चा सार्थक रही. जो सुझाव आए हैं, वह संगठन और राज्य सरकारों के साथ अन्य क्षेत्रों के लिए उपयोगी साबित होगी. 2024 में इन मुद्दों का महत्व होगा. 2023 में होने वाले राज्यों के विधानसभा चुनाव में इसकी बड़ी उपयोगिता होगी।

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