
भिलाई,17 मार्च। ईपीएफओ पोर्टल में उच्च पेंशन विकल्प हेतु कर्मियों को संयुक्त विकल्प (Joint Option) आनलाइन भरने में अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस संदर्भ में सीटू ने मुख्य महाप्रबंधक (कार्मिक) को पत्र देकर कहा कि ईपीएफओ के उच्च प्रबंधन के साथ चर्चा कर कर्मियों को उच्च पेंशन हेतु ज्वाइंट आप्सन भरने सम्बंधित हो रही समस्याओं का निराकरण करने के लिए उचित कार्यवाही करें।

ज्ञात हो कि सेल प्रबंधन द्वारा वास्तविक मूल वेतन पर 8.33 प्रतिशत राशि ईपीएफओ में जमा करवा कर उच्च पेंशन हेतु ज्वाइंट ऑप्शन फॉर्म भरवाने के बाद ईपीएफओ ने सेल के भरवाए हुए फॉर्म को न मानते हुए ईपीएफओ के पोर्टल में जाकर उच्च पेंशन विकल्प हेतु कर्मियों को ज्वाइंट आप्सन आनलाइन भरने को कहा है। कर्मियों को ईपीएफओ पोर्टल में जाकर ज्वाइंट ऑप्शन भरने के दौरान कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है जिसमें नॉमिनेशन में ई साइन मांगा गया है । यूएएन नंबर को आधार नंबर से लिंक करने को कहा जा रहा है। पोर्टल में 26(6) के अंतर्गत कुछ दस्तावेज पीडीएफ फाइल के रूप में अपलोड करने को कहा गया है एवं पूर्व में ज्वाइंट आप्सन दिए थे या नहीं यह भी जानकारी मांगी गई है।
कर्मियों के पास नहीं है 26(6) के अंतर्गत मांगे गये दस्तावेज

सीटू के महासचिव जगन्नाथ प्रसाद त्रिवेदी ने कहा कि 26(6) के अंतर्गत मांगी गई जानकारी के दस्तावेज किसी भी कर्मी के पास उपलब्ध नही हैं एवं न ही पूर्व में संयंत्र के किसी भी कर्मी द्वारा ईपीएफओ को उच्च पेंशन हेतु ज्वाइंट आप्सन नहीं दिया गया था, जिसके कारण उच्च पेंशन हेतु ज्वाइंट आप्सन भरने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। जिनका जल्द निराकरण किया जाना आवश्यक है।
सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए खुले हेल्पडेस्क
सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष एमएस शांत कुमार ने कहा कि सेल द्वारा जब ज्वाइट ऑप्शन फॉर्म भरवाया जा रहा था तब भी सेवानिवृत्त कर्मी मुश्किलों का सामना कर रहे थे। उस समय एंप्लाइज सर्विसेस विभाग सेक्टर 5 में सेवानिवृत्त कर्मियों को मदद करने हेतु कुछ कर्मियों को नियुक्त किया गया था। अब जबकि ईपीएफओ पोर्टल में जाकर ऑनलाइन ज्वाइंट ऑप्शन फॉर्म भरना है तो इस हेतु नियमित कर्मियों के साथ सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए आनलाइन आप्शन फार्म भरने तथा पेंशन से संबंधित शंकाओं के समाधान हेतु मानव संसाधन विकास केंद्र/ एंप्लाइज सर्विसेज विभाग सेक्टर 5 कार्यालय में हेल्प डेस्क एवं आवश्यकता अनुसार कंप्यूटरों की व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि संयंत्र को लंबे समय तक सेवा देकर सेवानिवृत्त हो चुके सेवानिवृत्त कर्मी चक्कर काटने से बच जाए।
