

दुर्ग,22 अप्रैल। दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय दुर्ग में “Recent advances in Diagnostic, Therapeutic and Nutritional Management of Canine” विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन शनिवार को हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति कर्नल (डॉ.)एनपी दक्षिणकर थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ.एके श्रीवास्तव जनरल सेक्रेटरी Indian Society for Advancement of Canine Practice द्वारा की गई। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ.सी बालाचंद्रन पूर्व कुलपति तमिलनाडु यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज थे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलपति कर्नल डॉ.दक्षिणकर ने अपने संबोधन में कहा कि भारत में स्वानों की संख्या में निरंतर वृद्धि होती जा रही है, जिसके कारण रेबीज रोग के प्रकोप की रोकथाम करना एक बड़ी चुनौती है। इस चुनौती से निपटने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर श्वानों का एंटी रेबीज टीकाकरण कार्यक्रम चलाया जाना चाहिए। इस हेतु शासन को अनुशंसा भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि रेडीमेड केनाइन फूड की मांग में उत्तरोत्तर वृद्धि हो रही है, जो कि इंडस्ट्रीज के ग्रोथ में सहायक है। अतः इस दिशा में युवा वैज्ञानिकों के लिए शोध करने की प्रबल संभावनाएं है। केनाइन हेल्थ एण्ड मैनेजमेंट के क्षेत्र में अभूतपूर्व संभावनाएं हैं इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का लाभ इस दिशा में मिलेगा। उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों से आए हुए वैज्ञानिकों को उनकी सहभागिता हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ.श्रीवास्तव ने सोसायटी के कार्यकलापों का विवरण देते हुए केनाइन हेल्थ में सोसाइटी की भूमिका एवं योगदान की जानकारी दी एवं भविष्य की योजनाओं को रेखांकित किया। कार्यक्रम के आयोजन सचिव एवं अधिष्ठाता डॉ.एसके तिवारी ने बताया कि इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में 2 थीम पेपर, 17 लीड पेपर, 55 एबस्ट्रेक्ट पढ़े गए। साथ ही 7 विभिन्न विषयों पर पोस्टर का प्रदर्शन किया गया। उन्होंने सफल आयोजन के लिए समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अतिथियों को धन्यवाद दिया। इस संगोष्ठी का संचालन डॉ.धीरेन्द्र भोंसले एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ.ओपी दीनानी द्वारा किया गया। इस अवसर पर संगोष्ठी के अध्यक्ष डॉ.एसपी इंगोले निदेशक शिक्षण, कुलसचिव डॉ.आरके सोनवणे, निदेशक अनुसंधान सेवाऐं डॉ.जीके दत्ता, निदेशक विस्तार शिक्षा डॉ.संजय शाक्य, विश्वविद्यालय जनसंपर्क अधिकारी डॉ.दिलीप चौधरी, निदेशक पंचगव्य संस्थान डॉ.केएम कोले, अधिष्ठाता मात्स्यिकी
महाविद्यालय कवर्धा डॉ.राजू शारदा, निदेशक जैव प्रौद्योगिकी डॉ. आरसी घोष, उपकुलसचिव डॉ.एमके गेंदलें, डॉ.नितिन गाड़े, संजीव जैन, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण/वैज्ञानिकगण, कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राओं की गरिमामय उपस्थिति रही।

