
भिलाईएक घंटा पहले

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ड्रोन के साथ आविष्कार करने वाले प्रोफेसर।
किसानों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एक ऐसे ड्रोन का आविष्कार किया गया है, जो खेतों में यूरिया आदि खाद का छिड़काव करेगा। कृषि कामों को ध्यान में रखते हुए इस ड्रोन को विशेष तरह से डिजाइन किया गया है, ताकि यह खेतों में बड़ी ही आसानी से खाद का छिड़काव कर सके।

ड्रोन का आविष्कार श्री शंकराचार्य कॉलेज रायपुर में स्थित आइडिया लैब में प्रोफेसर डॉ. जेपी पात्रा, पो अतुल चक्रवर्ती और डॉ. नेहा वर्मा ने मिलकर किया है। कृषि कामों को आसान बनाने अब तक बनाएं गए सभी ड्रोन तरल पदार्थों का छिड़काव करने में ही समक्ष थे, अन्य खाद का छिड़काव नहीं कर सकते। लेकिन यह ड्रोन उन सब से अलग है।
यह ड्रोन दानेदार जैसे यूरिया खाद का छिड़काव भी कर सकेगा। इससे खाद की बरबादी नहीं होगी और सही तरीके से खाद छिड़काव कर सकेंगे। इस खास तरह के ड्रोन में एक स्मार्ट डिवाइस को अटैच किया गया है। जिसमें 16 किलो तक यूरिया लोड किया जा सकता है।
एसएसआईपीएमटी स्थित आइडिया लैब देश का 49 आइडिया लैब में से एक है। जिसे भारत सरकार के शिक्षा विभाग की अग्रणी संस्था एआईसीटीई के आइडिया लैब के सहयोग से स्थापित किया गया है। इस आइडिया लैब में 40 से अधिक प्रोजेक्ट पर निरंतर काम चल रहा है।
भारत सरकार से मिला यूटिलिटी पेटेंट, कृषि कार्य में मिलेगी मदद
कृषि संबंधी ड्रोन की विशेषता को देखते हुए भारत सरकार ने इसे यूटिलिटी पेटेंट ग्रांट किया है। पेटेंट कार्यालय ने इस कृषि ड्रोन को एग्रीकल्चर ड्रोन फॉर डिस्पेंसिंग ग्रेन्युलर फार्म फर्टिलाइजर इनटू ऐन एरिया ऑफ लैंड के नाम से यूटिलिटी पेटेंट ग्रांट किया है।
छह माह पहले पूर्व प्रोजेक्ट टीम आइडिया लैब के पंकज कुमार, अरुण कुमार, किसुक मोइत्रा, डॉ. हेमलता सिन्हा और डॉ. धीरेंद्र सिंह क्षत्री के साथ प्रोजेक्ट डेमो के लिए दैनिक भास्कर रायपुर के कार्यालय में गए थे, तब दैनिक भास्कर से भरपूर सराहना की। एसएसआई पीएमटी रायपुर के निशांत त्रिपाठी ने बताया कि इस उपकरण से जहां एक तरफ कृषि के कामों में सहायता होगी।
