
🟦 सोलह साल पहले बस्तर में शहीद हुए थे विश्राम
भिलाई नगर, 5 जनवरी। पावर हाउस कैंप-2 स्थित मछली मार्केट का नाम शहीद विश्राम मांझी रखे जाने की मांग को लेकर शहीद की मां सहित अनेक व्यवसायी धरना पर बैठ गए हैं। शहर सरकार द्वारा इस बाजार का नाम पूर्व पार्षद स्व. मोहम्मद गफ्फार के नाम रखने के निर्णय से व्यथित नम आँखें लिए शहीद की माँ आज धरने पर बैठ गई हैं। शहीद विश्राम मांझी की माता श्रीमती रुकमणी बाई मांझी ने इस एक दिवसीय धरना में नागरिकों से उपस्थित होने की अपील की थी नतीजतन उनके आह्वान पर भाजपा जिलाध्यक्ष ब्रजेश बिचपुरिया सहित सैकडो़ व्यवसायी इस धरना में पहुंचे हैं।
गौरतलब हो कि कैम्प-2 में मिलन चौक के समीप निवासी शहीद विश्राम के नाम पर ही मिलन चौक का नामकरण हुआ था। शहीद के परिवार और स्थानीय लोगों की मांग है कि पावर हाउस मछली मार्केट का नामकरण शहीद विश्राम मांझी के नाम पर किया जाना चाहिए। चूंकि विश्राम एक शहीद हैं और शहीद विश्राम मांझी बचपन से मछली मार्केट में अपने पारिवारिक व्यवसाय में संलग्न भी थे। मार्केट का नाम शहीद के नाम रखे जाने पर ही सही मायने में शहीद के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी। वर्ष 2005 में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की सेवा से जुड़ने के एक साल बाद ही वर्ष 2006 में विश्राम मांझी बस्तर में शहीद हो गए थे।
क्षेत्रीय लोगों ने कहा है कि अगर पावर हाउस मछली मार्केट का नामकरण शहीद विश्राम मांझी के नाम पर हो तो शहीद परिवार को सम्मान मिल सकेगा। इस मांग पर नगर निगम भिलाई प्रशासन को पुनर्विचार करना चाहिए।
धरना में बैठने वाले व्यावसायियों में मेवा लाल चौधरी, दूधनाथ चौधरी, राम जी, डीआर चौधरी, राजू चौधरी, नारद मुनि, राम प्रभा निषाद, अजय चौधरी, मोहन चौधरी, जन्तु लाल चौधरी, श्रीमति सुमित्रा मांझी शामिल हैं। धरना स्थल पर किशोर कुमार चौधरी, पार्षद भोजराज सिन्हा, छोटे लाल चौधरी, हरिशंकर शाह, राजेश चौधरी, सुभाष चौधरी, मुन्ना आर्य, अमर सोनकर, मनोज यादव, आकाश चौधरी, रघुनाथ, राम दरस ने माला पहनाकर आंदोलन को शुरू करवाया है। समर्थन में आज मछली मार्केट पूरी तरह बंद रखा गया है।

