
दुर्ग न्यूज, 3 जुलाई। छत्तीसगढ़ के 45 हजार संविदा कर्मी आज से अनिश्चितकालीन पर हैं। कर्मचारियों की नाराजगी कांग्रेस की ओर से नियमितीकरण का वायदा पूरा नहीं करने की वजह से है। छत्तीसगढ़ सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ के बैनर तले यह आंदोलन पूरे प्रदेश में आज से शुरू हो गया है। जिन विभागों के कर्मचारी हड़ताल पर गए हैं, उनमें स्वास्थ्य, मनरेगा, पंचायत, कृषि, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग, प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना शामिल हैं जिनका कामकाज इस हड़ताल की वजह से प्रभावित होगा।
आपको बता दें कि बीते 4 वर्षों से अलग-अलग समय पर ये कर्मचारी संगठन आंदोलन करते रहे हैं। कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया है कि कई बार बातचीत की पहल करने के बावजूद प्रशासनिक अफसरों ने कोई चर्चा नहीं की और न ही इनकी मांगों पर ध्यान दिया। मजबूर होकर अब अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर्मचारियों को करना पड़ा है। संविदा कर्मचारियों की मांग है कि इन्हें स्थाई किया जाए, नौकरी की सुरक्षा 62 वर्ष आयु तक दी जाए, वरिष्ठता का लाभ, वेतन, ग्रेच्युटी, क्रमोन्नति-पदोन्नति, सामाजिक सरक्षा अनकंपा नियक्ति बुढ़ापे का सहारा पेंशन जैसी सुविधाएं दी जाएं।
इन्हीं मांग को लेकर संगठनों ने पूर्व में रथयात्रा भी निकाली थी जो कि 33 जिलों से गुजरी थी। इस दौरान सभी जिला कलेक्टरों और 90 विधानसभा इलाकों में 90 विधायकों से मिलकर कर्मचारियों ने अपनी समस्या बताते हुए बातचीत की थी मगर एक ने भी इनकी नहीं सुनी। कर्मचारियों का आरोप है कि 90 विधायकों को ज्ञापन सौंपने के बाद भी संवेदनहीनता की स्थिति बनी, जिसकी वजह से अब अनिश्चितकालीन हड़ताल करनी पड़ रही है।
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष कौशलेश तिवारी ने कहा कि संविदा कर्मचारियों से वर्ष 2018 के चुनाव के समय जन घोषणा पत्र लाकर कांग्रेस ने वायदा किया कि सरकार बनने के कुछ ही दिन बाद सभी को नियमित कर दिया जाएगा। 4 साल 6 महीने बीत जाने के बाद भी यह वायदा अधूरा है, जिसका विरोध लोकतांत्रिक ढंग से कर्मचारी कर रहे हैं।

